Lantern returned after four decades: चार दशक बाद लौट आई लालटेन की लालिमा…बढ़ा रही स्टार होटलों की रौनक

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रायपुर। करीब चार दशक तक गुमनामी के साए में रहा लालटेन फिर से लौट रहा है। इस बार उसने सीधे पांच सितारा होटल और रेस्टोरेंटों में धमक दी है, जहां कैंडल लाईट डिनर जैसे आयोजन होते हैं।

 

मूल स्वरूप में कोई बदलाव नहीं। आकर्षक इसलिए नजर आएगा क्योंकि इसमें सुंदर और डिजाइनर पेंटिंग की गई है। कैरोसिन के साथ डीजल की मदद से भी यह लालटेन जलाए जा सकेंगे। रही बात कीमत की, तो इसकी खरीदी महज 270 से 300 रुपए में की जा सकेगी।

लालटेन है क्या..?

सवाल सुनते ही जवाब- हां, है…! प्रति प्रश्न- कितने का…? उत्तर 270 से 300 रुपए। जवाब मिलने से पहले ही दुकानदार पूछते हैं- कितना चाहिए…? यह सवाल इसलिए किया जा रहा है क्योंकि हाॅटल और रेस्टोरेंट बदलते परिवेश में लालटेन के प्रथम उपभोक्ता बन रहे हैं। ऐसे में लालटेन फिर से घरेलू मांग के इंतजार में है जहां 80 के दशक तक उपस्थिति अनिवार्य थी।

यह लालटेन भी खूब

बिजली संकट के दौर में सौर ऊर्जा से चलने वाले उपकरण भी मांग में हैं। अब सोलर लालटेन ने भी दस्तक दे दी है। ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफार्म पर सोलर लालटेन भी अपनी हिस्सेदारी लालटेन बाजार में बढ़ा रहे हैं। प्रति लालटेन कीमत 1000 से 3000 रुपए भले ही ज्यादा मानी जा रही है लेकिन भविष्य बेहतर बताया जा रहा है।

 

सुस्त वर्तमान, चुस्त भविष्य

कोयला और पानी आधारित बिजली का बेहिसाब बढ़ता उपयोग कमजोर बिजली की आपूर्ति के रूप में सामने है। ऐसे में नई सुविधाओं से लैस प्रकाश उपकरणों की खोज में लालटेन की वापसी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खासकर सोलर लालटेन तो मजबूत मददगार माने जा रहे हैं, अंधेरा दूर करने में। शुरुआत भले ही कैंडल लाइट डिनर जैसे आयोजन से हो रही हो लेकिन चुस्त भविष्य का संकेत मिल चुका है।

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