छत्तीसगढ़

RTI Expose : RTI से खुलासा…! शिक्षा विभाग में 218 करोड़ का खेल…रिकॉर्ड सुधारने के नाम पर लीपापोती के आरोप

नोटिस पर नोटिस, कार्रवाई नदारद! शिक्षा विभाग की भूमिका संदिग्ध

कबीरधाम, 25 जनवरी। RTI Expose : कबीरधाम जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप लग रहे हैं कि विभाग के कुछ अधिकारी पूरे मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। आरटीआई के माध्यम से जानकारी सामने आने और सोशल मीडिया पर खबर वायरल होने के बाद अब जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) द्वारा पूर्व खंड शिक्षाधिकारी को रिकॉर्ड की कमियां पूरी करने के लिए दो हफ्ते का समय दिए जाने पर सवाल खड़े हो गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, तत्कालीन खंड शिक्षाधिकारी संजय जायसवाल को पत्र क्रमांक 425, दिनांक 19 जनवरी 2026 के माध्यम से दो सप्ताह के भीतर कमियों को पूरा कर कार्यालय को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्रवाई करने के बजाय रिकॉर्ड दुरुस्त करने का अवसर देना और बार-बार नोटिस जारी करना विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।

जिला शिक्षा अधिकारी ने क्या कहा?

इस पूरे मामले में कबीरधाम जिला शिक्षा अधिकारी एफ. आर. वर्मा ने बताया कि ऑडिट रिपोर्ट प्राप्त हुई है, जिसमें कुछ अनियमितताएं सामने आई हैं। तत्कालीन बीईओ संजय जायसवाल से स्पष्टीकरण मांगा गया है और जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कितनी राशि का हिसाब नहीं मिला है, इसकी जानकारी फाइल देखने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

हालांकि, सवाल यह भी उठ रहा है कि जिस तरह रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आग लगने से रिकॉर्ड नष्ट होने की घटना सामने आई थी, कहीं वैसी ही स्थिति कवर्धा खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में न बन जाए।

पूर्व बीईओ आज रखेंगे अपना पक्ष

मामले में पूर्व बीईओ संजय जायसवाल से संपर्क किए जाने पर उन्होंने कहा कि सभी दस्तावेज उपलब्ध हैं और ऑडिट अब तक क्यों नहीं हुआ, यह बड़ा सवाल है। उन्होंने टेलीफोन पर जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा कि वे आज मीडिया के सामने उपस्थित होकर अपना पक्ष रखेंगे।

तत्काल कार्रवाई की मांग

NSUI जिला महासचिव अमन वर्मा ने इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि पहले करोड़ों रुपये का धान घोटाला और अब शिक्षा विभाग में गड़बड़ी सामने आना बेहद चिंताजनक है। अमन वर्मा का आरोप है कि कवर्धा अब विकास नहीं बल्कि घोटालों का गढ़ बनता जा रहा है। धान घोटाले के बाद शिक्षा विभाग में 218 करोड़ रुपये की लूट का आरोप बेहद गंभीर है।

उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा सरकार और प्रशासन इस पूरे मामले में मौन क्यों है और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी। अमन वर्मा ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो और जनता के सामने सच्चाई रखी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो NSUI आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button