Korba politics: चावलाानी से लेकर देवांगन तक नई टीम में चेहरे तय, सामान्य प्रशासन से लेकर राजस्व और शिक्षा विभाग तक संभालेंगे पार्षद; मंत्री लखनलाल देवांगन की मौजूदगी ने बढ़ाई सियासी हलचल।
कोरबा। Korba politics: नगर सरकार में अब सियासी ताकत का नया समीकरण आकार लेता नजर आ रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने नगर पालिक निगम कोरबा की मेयर-इन-काउंसिल (MIC) में पार्षदों को अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी सौंपने की घोषणा कर दी है। इसे नगर निगम की सत्ता में भाजपा के संगठनात्मक नियंत्रण और आगामी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से अहम कदम माना जा रहा है।
जारी किए गए बधाई संदेश वाले एक पोस्टर में अशोक चावलानी, नरेंद्र देवांगन, चंद्रकली जायसवाल, किशन लाल कैवट और प्रेम कुमार साहू को MIC सदस्य के रूप में अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। खास बात यह है कि पोस्टर में सभी पार्षदों के वार्ड नंबर के साथ उनके विभाग भी स्पष्ट किए गए हैं।
किसे कौन सा विभाग?
अशोक चावलानी, वार्ड क्रमांक 31
सामान्य प्रशासन एवं विधायी कार्य तथा नगरीय नियोजन विभाग
नरेंद्र देवांगन, वार्ड क्रमांक 18
वित्त, लेखा एवं अंकेक्षण तथा राजस्व विभाग
चंद्रकली जायसवाल, वार्ड क्रमांक 32
खाद्य विभाग
किशन लाल कैवट, वार्ड क्रमांक 55
शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण विभाग
प्रेम कुमार साहू, वार्ड क्रमांक 65
यांत्रिकी एवं सामाजिक कल्याण विभाग
सिर्फ विभागों का बंटवारा नहीं, सियासी संदेश भी!
MIC में विभागों की जिम्मेदारी का यह बंटवारा महज प्रशासनिक कवायद नहीं माना जा रहा। सामान्य प्रशासन, वित्त, राजस्व, शिक्षा और नगरीय नियोजन जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी अब सत्ता पक्ष के पार्षदों के हाथ में होगी। ऐसे में आने वाले दिनों में नगर निगम के फैसलों, विकास कार्यों और प्रशासनिक नियंत्रण में MIC की भूमिका बेहद अहम रहने वाली है।
पोस्टर में नीचे वाणिज्य एवं उद्योग, वाणिज्यिक कर (आबकारी) और श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन का भी प्रमुखता से उल्लेख है। इससे साफ है कि MIC गठन को लेकर भाजपा खेमे में राजनीतिक उत्साह है और इसे नगर सरकार में अपनी पकड़ मजबूत करने के तौर पर भी पेश किया जा रहा है।
अब असली परीक्षा कामकाज की
हालांकि विभाग मिलना एक बात है और उन विभागों में असरदार कामकाज दिखाना दूसरी। नगर निगम में सड़क, सफाई, राजस्व, संपत्ति, शिक्षा, सामाजिक कल्याण और नगरीय नियोजन जैसे मुद्दे पहले से ही जनता की निगाह में हैं। ऐसे में नई MIC के सामने सबसे बड़ी चुनौती पोस्टर की बधाई को जमीन पर काम की उपलब्धि में बदलने की होगी।
फिलहाल कोरबा नगर निगम की सियासत में MIC के नए चेहरे चर्चा के केंद्र में हैं और आने वाले दिनों में इनके विभागीय फैसले ही बताएंगे कि यह बदलाव सिर्फ कुर्सियों का है या नगर सरकार की कार्यशैली में भी बड़ा बदलाव आने वाला है।












