
प्रतीकात्मक तस्वीर
कोरबा। पूर्व में Lanco Amarkantak Power Limited के नाम से संचालित और अब Adani Power Limited के अधीन चल रही परियोजना के विस्तार को लेकर क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है। आसपास के गांवों में लगातार बैठकों, जनसंपर्क और छोटे आयोजनों का दौर जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी के प्रतिनिधि गांव-गांव पहुंचकर प्रस्तावित जनसुनवाई के लिए माहौल अपने पक्ष में बनाने में जुटे हैं।
एनपीजेड टीम ने जब कुछ गांवों में लोगों से बातचीत की तो कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जनसुनवाई में सहयोग के बदले चुनावी वादों जैसे आश्वासन दिए जा रहे हैं। कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि “लिफाफा” देकर समर्थन लेने की कोशिश हो रही है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और कंपनी की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित विस्तार को लेकर पहले से ही पर्यावरण, पानी के स्रोत और स्वास्थ्य प्रभावों को लेकर चिंता बनी हुई है। ऐसे में अचानक बढ़ी सक्रियता ने संदेह और बढ़ा दिया है। आंदोलन से जुड़े लोगों का आरोप है कि यह जनमत को प्रभावित करने की कोशिश है, जबकि कंपनी समर्थक इसे संवाद और विश्वास बहाली की प्रक्रिया बता रहे हैं।
सभा स्थल छावनी में तब्दील, सड़क पर कड़ा पहरा
सरगबुंदिया में आयोजित जनसुनवाई को लेकर प्रशासनिक तैयारियां भी कड़ी नजर आ रही हैं। सभा स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात है और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में रखा गया है। कोरबा–चांपा मार्ग पर आने-जाने वाले लोगों से पूछताछ की जा रही है।
कुछ स्थानीय लोगों ने इसे लेकर निष्पक्ष जनसुनवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सुरक्षा इंतजाम जरूरी हैं, लेकिन आम ग्रामीणों को असहज महसूस नहीं होना चाहिए। वहीं प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह कदम संभावित विरोध और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन उठाया गया है।
जिस तरह एक ओर कंपनी की सक्रियता और दूसरी ओर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी हुई है, उससे साफ है कि यह जनसुनवाई सिर्फ औपचारिक प्रक्रिया नहीं बल्कि क्षेत्र की राजनीति और उद्योग से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुकी है। आने वाले दिनों में इसका असर और स्पष्ट दिखाई देगा।




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