Korba High Level Bridge : सलिहा नाला पर बनेगा हाईलेवल ब्रिज, कलेक्टर दुदावत की बड़ी पहल, ₹6.24 करोड़ की मिली मंजूरी

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Korba High-Level Bridge

कोरबा, 25 अगस्त। Korba High Level Bridge : कोरबा जिले के देवरी-कोरई (तुन्दुकोन्हा) मार्ग पर वर्षों से आवागमन की समस्या झेल रहे ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत की खबर है। सलिहा नाला पर उच्चस्तरीय पुल और पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 6 करोड़ 24 लाख 80 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। कलेक्टर कुणाल दुदावत की पहल से स्वीकृत इस परियोजना के बाद बारिश के दिनों में ग्रामीणों को होने वाली परेशानी का स्थायी समाधान होने की उम्मीद है।

सलिहा नाला पर बनेगा नया उच्चस्तरीय पुल

देवरी-कोरई मार्ग पर सलिहा नाला में मौजूद पुराना सेतु क्षतिग्रस्त होने के कारण लंबे समय से ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अब जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) से मिली ₹6.24 करोड़ से अधिक की राशि से यहां नया उच्चस्तरीय पुल बनाया जाएगा। इसके साथ ही पुल तक पहुंच मार्ग का निर्माण भी कराया जाएगा।

बारिश में बढ़ जाती थी ग्रामीणों की परेशानी

बरसात के मौसम में सलिहा नाला का जलस्तर बढ़ने और पुराने क्षतिग्रस्त सेतु की स्थिति खराब होने से ग्रामीणों के लिए आवाजाही मुश्किल हो जाती थी। कई बार जरूरी काम से आने-जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता था। नए हाईलेवल ब्रिज के बनने से सालभर सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

बाजार, स्कूल और अस्पताल पहुंचना होगा आसान

पुल निर्माण से आसपास के गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। ग्रामीणों को बाजार, स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में सहूलियत मिलेगी। इसके साथ ही क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है।

कलेक्टर दुदावत की पहल से विकास कार्य को मिली मंजूरी

ग्रामीणों की आवागमन समस्या को प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर कुणाल दुदावत ने इस महत्वपूर्ण अधोसंरचना कार्य के लिए DMF से राशि स्वीकृत कराई है। जिला प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पुल और अन्य जरूरी अधोसंरचना से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।

वर्षों पुरानी समस्या के स्थायी समाधान की उम्मीद

सलिहा नाला पर उच्चस्तरीय पुल का निर्माण पूरा होने के बाद देवरी-कोरई क्षेत्र के ग्रामीणों को सबसे बड़ी राहत सुरक्षित आवागमन के रूप में मिलेगी। खासकर मानसून के दौरान आने वाली बाधाएं कम होने की उम्मीद है। ₹6.24 करोड़ की स्वीकृति को क्षेत्र की कनेक्टिविटी और ग्रामीण विकास की दिशा में जिला प्रशासन का अहम कदम माना जा रहा है।

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