
कोरबा। शहर में लंबे समय से चर्चा में रहे दो बड़े कबाड़ कारोबारियों के ठिकानों पर सोमवार को पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। हालांकि कार्रवाई शुरू होने से पहले ही छापे की सूचना लीक हो जाने से पूरा ऑपरेशन सवालों के घेरे में आ गया।
जानकारी के मुताबिक यह छापा अवैध कबाड़ कारोबार को लेकर मारा गया था। कार्रवाई के दायरे में शहर के चर्चित कारोबारी राजेश साहू और मुकेश साहू शामिल थे। टीम जब जश्न रिसोर्ट के समीप स्थित उनके ठिकानों पर पहुंची, तब तक कई दुकानों से सामान पहले ही हटा लिया गया था, जिससे मौके से कोई ठोस बरामदगी नहीं हो सकी।
हालांकि राजस्व विभाग ने औपचारिक कार्रवाई करते हुए कबाड़ दुकानों को सील कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि इस पूरे मामले में पुलिस की कथित सांठगांठ की भी चर्चा लंबे समय से चल रही है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आ रही है कि गोपनीय सूचना विभाग के भीतर से ही बाहर पहुंची। इसी कारण छापेमारी महज औपचारिकता बनकर रह गई। अब बड़ा सवाल यह है कि सूचना किसने और किस मकसद से लीक की। यह लापरवाही थी या किसी बड़े खेल का हिस्सा। फिलहाल अधिकारी आंतरिक जांच की बात कह रहे हैं, लेकिन शहर में यह कार्रवाई और उससे जुड़ा सूचना लीक मामला चर्चा और सनसनी का विषय बना हुआ है।



