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KORBA BREAKING: DM ने अंचल उर्फ ‘जिनी’ अग्रवाल और संजय पावले को एक साल के लिए किया जिला बदर

कोरबा में जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, कलेक्टर कुणाल दुदावत ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अंचल उर्फ जिनी अग्रवाल और संजय पावले को एक वर्ष के लिए कोरबा समेत नौ जिलों से जिला बदर किया। दोनों पर मारपीट, लूट, अवैध शराब और भयादोहन सहित कई गंभीर मामले दर्ज।

कोरबा  26 फरवरी 2026।Korba Breaking जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर कुणाल दुदावत ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 3 और 5 के तहत अंचल अग्रवाल उर्फ जिनी और संजय पावले को एक वर्ष के लिए कोरबा समेत नौ सीमावर्ती जिलों से जिला बदर कर दिया है। आदेश के अनुसार दोनों को 24 घंटे के भीतर निर्धारित सीमाओं से बाहर जाना होगा।

अंचल उर्फ जिनी अग्रवाल: 7 आपराधिक, 3 प्रतिबंधात्मक प्रकरण

Korba Breaking पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार अंचल अग्रवाल (30 वर्ष), निवासी आरएसएस नगर मानिकपुर, ट्रांसपोर्टिंग के साथ मारपीट, लूट, भयादोहन, अवैध शराब तस्करी और बलवा जैसे मामलों में संलिप्त रहा है।
मानिकपुर और सिविल लाइन रामपुर थानों में उसके खिलाफ गंभीर अपराध दर्ज हैं। कुल 7 आपराधिक और 3 प्रतिबंधात्मक प्रकरण पंजीबद्ध बताए गए हैं।
रिपोर्ट में उल्लेख है कि उसके व्यवहार से क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ था। समय-समय पर की गई प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों का भी कोई असर नहीं पड़ा। न्यायालयीन परीक्षण के बाद प्रशासन ने उसे लोक शांति के लिए खतरा मानते हुए जिला बदर का आदेश जारी किया।

संजय पावले: 10 अपराध, 5 प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयाँ
संजय पावले (43 वर्ष), निवासी शंकर नगर खरमोरा, पर मारपीट, हथियार लहराकर धमकाने, अवैध शराब निर्माण और बिक्री जैसे आरोप हैं। थाना सिविल लाइन रामपुर और बालको नगर में उसके खिलाफ 10 आपराधिक और 5 प्रतिबंधात्मक प्रकरण दर्ज हैं।
पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक स्थानीय लोग उसके डर से शिकायत या गवाही देने से कतराते थे। न्यायालय ने अभिलेखों और केस डायरी के परीक्षण के बाद माना कि उसकी मौजूदगी से क्षेत्र में असुरक्षा का माहौल बन रहा था।

किन जिलों से रहेंगे बाहर

आदेश के तहत दोनों आरोपियों को कोरबा के साथ बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती, रायगढ़, सरगुजा, सूरजपुर, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिलों की राजस्व सीमाओं से एक वर्ष तक बाहर रहना होगा।
बिना न्यायालय की पूर्व अनुमति इन जिलों में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। उल्लंघन की स्थिति में बलपूर्वक निष्कासन और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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