
रायपुर/कोरबा। Korba power distribution SE EE suspended छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड में बड़ी कार्रवाई ने हड़कंप मचा दिया है। मुख्य अभियंता के आदेश पर कोरबा के अधीक्षण अभियंता (SE) बी के सरकार और कटघोरा के कार्यपालन अभियंता (EE) अंशु वार्ष्णेय को निलंबित कर दिया गया। पूरे विभाग में देर शाम तक इस कार्रवाई की वजह को लेकर चर्चा चलती रही, लेकिन जब असली कारण सामने आया तो अफसरों की लापरवाही की परतें खुल गईं।
क्या थी पूरी कहानी?
दरअसल, power distributionकंपनी के MD भीम सिंह 10 मार्च को कोरबा दौरे पर थे। दूधीटांगर में भूमिपूजन के बाद वे लेमरू क्षेत्र के देवपहरी गांव पहुंचे, जहां ग्रामीणों और आदिवासी बच्चों ने लो वोल्टेज और लगातार बिजली कटौती की शिकायत की।
स्थिति को गंभीर मानते हुए MD ने मौके पर मौजूद अफसरों को निर्देश दिया कि गांव तक 11 केवी लाइन के लिए तुरंत प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजा जाए, ताकि तत्काल स्वीकृति दी जा सके।
फाइल अटकी… और गिरी गाज
बताया जा रहा है कि EE अंशु वार्ष्णेय ने प्रस्ताव बनाकर SE बी के सरकार को सौंप दिया था, लेकिन फाइल आगे नहीं बढ़ी। हफ्ते भर तक मामला अटका रहा। जब MD ने प्रगति जानी तो लापरवाही सामने आ गई।
“इधर बिजली, उधर निलंबन”
अफसरों की इस नाफरमानी से नाराज MD भीम सिंह ने दोनों अधिकारियों को तत्काल सस्पेंड करने का आदेश दे दिया। साथ ही देवपहरी गांव तक 11 केवी लाइन खींचने के निर्देश भी जारी कर दिए गए।आदेश मिलते ही विभाग हरकत में आया और ठेकेदार को बुलाकर तेजी से लाइन खींचने का काम शुरू कराया गया।



