KORBA : गर्मी में लहलहाती फसलें देख खेत में उतरे कलेक्टर…किसानों से किया संवाद
KORBA : किसानों को पपीता, शकरकंद जैसी लाभदायक फसलों की खेती के लिए किया प्रोत्साहित
कोरबा, 08 मार्च। KORBA : घने साल के जंगलों और सूखे खेतों के बीच जब कलेक्टर कुणाल दुदावत आगे बढ़ रहे थे, तभी अचानक लबालब पानी और हरियाली से भरे खेतों का दृश्य सामने आया। गर्मी के मौसम में भी लहलहाती फसलों को देखकर उन्होंने वाहन रोककर स्वयं खेतों में जाकर किसानों से बातचीत की और उनकी खेती का अवलोकन किया।
किसानों से सीधे संवाद, फसलों की ली जानकारी
कलेक्टर ने कोरबा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम बरपाली के कलमीटिकरा में लबेद जलाशय से सिंचित क्षेत्र का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने मक्का, उड़द और मूंगफली की खेती कर रहे किसान टीकाराम राठिया और सहदेव राठिया से चर्चा की। किसानों ने बताया कि धान बेचने के बाद कृषक उन्नति योजना के तहत अंतर की राशि 28 फरवरी को ही उनके खातों में मिल गई है। साथ ही कृषि विभाग द्वारा खाद, बीज और अन्य आवश्यक सहयोग भी दिया जा रहा है।

योजनाओं से बढ़ रहा किसानों का उत्साह
किसानों ने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत मक्का, डीएमएफ से मूंगफली और दलहन आत्मनिर्भर योजना के तहत उड़द की खेती की जा रही है। क्षेत्र में लगभग 5 हेक्टेयर में मक्का, 9 हेक्टेयर में उड़द और 21 हेक्टेयर में मूंगफली की खेती की जा रही है। लबेद जलाशय से पर्याप्त पानी मिलने के कारण गर्मी के मौसम में भी खेती संभव हो पा रही है।
लाभदायक फसलों की खेती के लिए किया प्रोत्साहित
कलेक्टर ने खेतों में जाकर फसलों का अवलोकन किया और किसानों को पपीता, शकरकंद सहित अन्य लाभदायक फसलों की खेती की संभावनाओं पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकते हैं और प्रशासन हर संभव सहयोग देगा।

बिजली कटौती की शिकायत पर तुरंत निर्देश
निरीक्षण के दौरान किसानों ने सिंचाई के समय बिजली कटौती की समस्या बताई। इस पर कलेक्टर ने तत्काल विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता को फोन कर समस्या के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। कुछ किसानों ने खेतों तक गिराए गए विद्युत खंभों को खड़ा नहीं किए जाने की शिकायत भी की, जिस पर संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
पुल निर्माण की मांग पर स्थल निरीक्षण
ग्राम कलमीटिकरा के किसानों ने लबेद जलाशय के पास पुल निर्माण की मांग रखी। इस पर कलेक्टर ने खेत की मेड़ों पर लगभग एक किलोमीटर से अधिक पैदल चलकर स्थल का निरीक्षण किया और जल संसाधन विभाग को पुल निर्माण की संभावनाओं का परीक्षण करने के निर्देश दिए।
ड्रिप सिंचाई से तरबूज की खेती का भी किया निरीक्षण
कलेक्टर ने ग्राम मुढूनारा में किसान टीकाराम द्वारा लगभग 6 एकड़ में ड्रिप सिंचाई पद्धति से की जा रही तरबूज की खेती का भी अवलोकन किया। किसान ने बताया कि गांव के पांच किसान मिलकर वर्ष में तीन बार फसल लेते हैं, जिससे प्रत्येक किसान को लगभग एक लाख रुपये तक की आय हो जाती है।

आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की सलाह
कलेक्टर ने किसानों को ड्रिप सिंचाई, पॉलीहाउस और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ने की सलाह दी। उन्होंने अधिकारियों को सिंचाई रकबा बढ़ाने और ड्रिप सिंचाई के विस्तार के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए।
इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश कुमार नाग, सहायक कलेक्टर क्षितिज गुरभेले और एसडीएम सरोज महिलांगे भी उपस्थित रहे।



