महासमुंद, 09 सितंबर।Khair Wood Case: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में 23.35 टन खैर (कत्था) लकड़ी के कथित अवैध परिवहन और फर्जी NOC के इस्तेमाल के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी मनीष अग्रवाल के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के मुड़पार गांव स्थित मकान से 81 लाख रुपये की नकदी बरामद की है। पुलिस ने रकम जब्त कर ली है और प्रारंभिक जांच के आधार पर इसे अपराध से अर्जित संपत्ति मानते हुए कुर्की की प्रक्रिया शुरू की है।
23.35 टन खैर लकड़ी के परिवहन का मामला
पुलिस के मुताबिक, वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा के आवेदन के आधार पर 23,350 किलोग्राम खैर लकड़ी के कथित अवैध परिवहन का मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि लकड़ी के परिवहन के लिए फर्जी NTPS NOC तैयार की गई और उसे असली दस्तावेज के तौर पर इस्तेमाल किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पिथौरा थाने में संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी मनीष अग्रवाल के मुड़पार स्थित मकान में बड़ी मात्रा में नकदी रखे होने की जानकारी मिली।
सर्च वारंट लेकर घर पहुंची पुलिस
पुलिस ने मकान की तलाशी के लिए न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त किया। इसके बाद 7 सितंबर 2026 को पुलिस टीम मुड़पार गांव पहुंची और आरोपी के मकान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान मकान के केयरटेकर और गवाहों की मौजूदगी में पुलिस को एक थैला मिला। पुलिस के अनुसार, थैले के अंदर 500-500 रुपये के नोटों की 162 गड्डियां रखी हुई थीं। गड्डियों की गिनती करने पर कुल 16,200 नोट मिले, जिनकी कुल कीमत 81 लाख रुपये बताई गई। पुलिस ने पूरी रकम को मौके पर जब्त कर लिया।
81 लाख की बरामदगी के बाद जांच का वित्तीय एंगल भी अहम
पुलिस अब इस मामले की जांच सिर्फ खैर लकड़ी के कथित अवैध परिवहन और फर्जी NOC तक सीमित नहीं रख रही है। 81 लाख रुपये की नकदी बरामद होने के बाद मामले का वित्तीय पहलू भी जांच के केंद्र में आ गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी रकम का स्रोत क्या है और क्या इसका कथित अवैध लकड़ी परिवहन से कोई संबंध है। साथ ही इस पूरे मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
अपराध से अर्जित संपत्ति मानकर कुर्की की तैयारी
पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में बरामद रकम को अपराध से अर्जित संपत्ति माना जा रहा है। इसी आधार पर रकम की कुर्की के लिए BNSS की धारा 107 के तहत न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया गया है। कुर्की की कार्रवाई पूरी होने के बाद आरोपी इस रकम का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। मामले में पुलिस आगे की वित्तीय जांच भी कर रही है।
कई धाराओं में दर्ज है मामला
पुलिस के अनुसार, मामले में BNS की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2), 3(5), 111 और 25 आर्म्स एक्ट के साथ भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 42(1), सहपठित धारा 41(2)(ख)(घ) और धारा 52(1) के तहत अपराध दर्ज कर जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस 23.35 टन खैर लकड़ी, कथित फर्जी NOC और 81 लाख रुपये नकद के बीच संबंध की जांच कर रही है। बरामद रकम के स्रोत और पूरे मामले में शामिल अन्य संभावित लोगों को लेकर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है। नोट: खबर में आरोपी के संबंध में लगाए गए आरोप पुलिस की जांच और दावों पर आधारित हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि या दोषसिद्धि न्यायालय के निर्णय पर निर्भर करेगी।












