Hartalika Teej 2026 पर अइरसा, ठेठरी-खुरमी ₹320 किलो और करेला चिप्स ₹400 किलो तक पहुंचा। जानिए तीज पर बढ़ती कीमतों का पूरा हाल।
रायपुर। Hartalika Teej 2026 :हरतालिका तीज 14 सितंबर को है। घरों में तीज की तैयारियां अंतिम दौर में हैं, लेकिन इस बार उपवास की थाली तैयार करना जेब पर भारी पड़ता नजर आ रहा है। अइरसा, ठेठरी, खुरमी से लेकर करेला और करेला चिप्स तक के दाम ऐसे चढ़े हैं कि तीज का व्रत महंगा पड़ने वाला है। कीमतें ऊंची होने के बावजूद पारंपरिक व्यंजनों और करेला से बनी खाद्य सामग्री की मांग बनी हुई है।

तीज के दौरान पारंपरिक व्यंजनों का विशेष महत्व है। यही वजह है कि घरों के साथ अब इन्हें तैयार कर बेचने वाले संस्थान भी पूरी तरह तैयार हैं। लेकिन इस बार खाद्य तेल, आटा, सूजी, मैदा और बेसन जैसी कच्ची सामग्रियों की मजबूत कीमतों का सीधा असर तैयार व्यंजनों की कीमत पर दिखाई दे रहा है।
अइरसा, ठेठरी और खुरमी ₹320 किलो
छत्तीसगढ़ी पारंपरिक व्यंजनों की बिक्री करने वाले संस्थानों ने अइरसा, ठेठरी और खुरमी की कीमत करीब ₹320 प्रति किलो तय की है। उपभोक्ताओं को यह कीमत ज्यादा लग रही है, लेकिन खरीदी का उत्साह कम नहीं हुआ है। कारोबारियों के मुताबिक कच्ची सामग्री की कीमतों में फिलहाल राहत के संकेत नहीं हैं, इसलिए तैयार व्यंजनों के दाम में बड़ी गिरावट की संभावना भी कम है।
करेला ₹80 तक, चिप्स ने चौंकाया
तीज की थाली में करेला भी महत्वपूर्ण है। बाजार में करेला ₹60 से ₹80 किलो तक बिक रहा है और इसके बावजूद मांग भरपूर है। अब करेला चिप्स भी बाजार में उतर चुका है, लेकिन इसकी कीमत सुनकर ग्राहक जरूर ठिठक रहे हैं। करेला चिप्स करीब ₹400 किलो तक पहुंच गया है।
कारोबारियों का कहना है कि कीमत में तत्काल कमी की संभावना कम है। इसकी एक वजह पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश से करेला चिप्स की बढ़ती मांग भी बताई जा रही है। इसी तरह अइरसा की खरीदी में भी पड़ोसी राज्यों के ग्राहकों की रुचि दिखाई दे रही है।
फुलेरा भी तैयार, कीमत ₹1500 तक
तीज की पूजा में फूलों से तैयार ‘फुलेरा’ का विशेष महत्व है। संभावित मांग को देखते हुए फूल बाजार में सामान्य और विशेष श्रेणी के फुलेरा तैयार हैं।
सामान्य फुलेरा की कीमत ₹250 से ₹400 तक रखी गई है, जबकि विशेष श्रेणी का फुलेरा अधिकतम ₹1500 तक पहुंच गया है। हालांकि फूलों की कीमत फिलहाल सामान्य स्तर पर स्थिर बताई जा रही है।
कुल मिलाकर इस बार तीज की तैयारी तो पूरे उत्साह से हो रही है, लेकिन सवाल यही है कि आस्था और परंपरा के इस पर्व पर महंगाई की मार कितनी भारी पड़ेगी?











