Effect of Bastar Bandh : कांकेर के पूर्व जिला अध्यक्ष जीवन ठाकुर की मौत…! विरोध में बस्तर बंद का दिखा असर…यहां देखें Video
प्रशासन तकनीकी रिपोर्ट और पोस्टमार्टम पर कर रहा अध्ययन
बस्तर, 09 दिसम्बर। Effect of Bastar Bandh : कांकेर जिले के पूर्व जिला अध्यक्ष जीवन ठाकुर की रायपुर जेल में हुई मौत के विरोध में आज पूरे बस्तर संभाग में बंद का व्यापक असर देखने को मिला। बंद का आह्वान सर्व आदिवासी समाज ने किया था, जिसमें हजारों लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करते नजर आए।
सर्व आदिवासी समाज का एक दिवसीय बस्तर बंद सफल
सुबह से ही बस्तर, कांकेर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव, नारायणपुर और बीजापुर में बाज़ार बंद रहे। दुकानें, बाजार, परिवहन सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित। कई जगहों पर शांतिपूर्ण रैलियां और विरोध प्रदर्शन। प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। सर्व आदिवासी समाज का आरोप है कि जीवन ठाकुर की मृत्यु संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है और इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
कांग्रेस पार्टी और सर्व पिछड़ा वर्ग समाज ने भी दिया समर्थन
बंद को राजनीतिक समर्थन भी प्राप्त हुआ। कांग्रेस पार्टी ने बंद का खुलकर समर्थन किया और जांच की मांग दोहराई। इसके साथ ही सर्व पिछड़ा वर्ग समाज भी प्रदर्शनकारियों के साथ खड़ा नजर आया, जिससे आंदोलन और मजबूत हो गया। कांग्रेस नेताओं ने जीवन ठाकुर की मौत को गंभीर मामला बताते हुए इसे न्यायिक जांच के दायरे में लाने की मांग की है।
लोगों में आक्रोश, न्याय की मांग तेज
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि, जेल में हुई मौत की परिस्थितियां स्पष्ट नहीं। परिवार को न्याय मिले। प्रशासन पारदर्शी जांच कराए। कई स्थानों पर शांतिपूर्ण मार्च निकले और बैनर-पोस्टर के साथ लोगों ने अपनी आवाज बुलंद की।
प्रशासन तकनीकी रिपोर्ट और पोस्टमार्टम पर कर रहा अध्ययन
बताया जा रहा है कि प्रशासनिक स्तर पर इस मामले की प्रारंभिक रिपोर्ट मंगाई गई है और पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया, जिससे कहीं भी कोई अप्रिय स्थिति पैदा न हो।
बस्तर बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, लेकिन बंद ने यह स्पष्ट कर दिया कि जीवन ठाकुर की मौत को लेकर क्षेत्र में भारी नाराजगी और अविश्वास है। प्रदर्शनकारी अब न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।



