
कोरबा।Jhabu Ash Dam Burst Korba एचटीपीपी के झाबू राखड़ डेम हादसे ने पूरे प्रबंधन तंत्र को कठघरे में खड़ा कर दिया है। हालात इतने चौंकाने वाले रहे कि निरीक्षण के लिए पहुंचे चीफ इंजीनियर देवनाथ की मौजूदगी में ही डेम अचानक फूट गया। देखते ही देखते राख का सैलाब फैल गया और मौके पर काम कर रहा एक जेसीबी ऑपरेटर उसकी चपेट में आ गया, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई।

मिली जानकारी के अनुसार, हादसे से पहले डेम की निगरानी और कामकाज की जिम्मेदारी ईई चंचल ध्रुव और एई चंद्रहास साहू के पास है। बताया जा रहा है कि दोनों अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर काम भी करवा रहे थे। इसके बावजूद डेम का यूं अचानक टूट जाना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर थे, तो सुरक्षा मानकों में ऐसी कौन सी चूक हुई जिसने एक मजबूत माने जाने वाले राखड़ डेम को पलभर में ढहा दिया। क्या निरीक्षण केवल औपचारिकता बनकर रह गया था, या फिर तकनीकी खामियों को नजरअंदाज किया गया?
Jhabu Ash Dam Burst Korbaइस घटना ने न केवल विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि प्रबंधन की छवि को भी गहरा झटका पहुंचाया है। स्थानीय स्तर पर लोगों में गुस्सा है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।



