रायपुर

Anti Conversion Law : छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण पर सख्त कानून…! 7 साल से लेकर उम्रकैद की सजा का प्रावधान…यहां सुनिए CM को Video

शादी के लिए धर्म परिवर्तन अमान्य

रायपुर, 20 मार्च। Anti Conversion Law : छत्तीसगढ़ विधानसभा में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 ध्वनि मत से पारित हो गया। गृहमंत्री विजय शर्मा द्वारा प्रस्तुत यह विधेयक अब राज्य में धर्मांतरण से जुड़े मामलों पर सख्त नियंत्रण सुनिश्चित करेगा। यह नया कानून वर्ष 1968 के पुराने अधिनियम की जगह लेगा।

सजा के प्रमुख प्रावधान

  • अवैध धर्मांतरण: 7 से 10 साल की जेल और न्यूनतम ₹5 लाख जुर्माना
  • महिला/नाबालिग/SC-ST/OBC पीड़ित: 10 से 20 साल की जेल और ₹10 लाख जुर्माना
  • सामूहिक धर्मांतरण: 10 साल से लेकर आजीवन कारावास और ₹25 लाख जुर्माना
  • दोबारा दोषी: सीधे आजीवन कारावास का प्रावधान

मददगार भी होंगे दंडित

अवैध धर्मांतरण में सहयोग करने वालों को 6 महीने से 3 साल तक की सजा और ₹2 लाख तक जुर्माना होगा।

60 दिन पहले देनी होगी सूचना

स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्ति और अनुष्ठान कराने वाले (पादरी/मौलवी/पुजारी) को 60 दिन पहले कलेक्टर को सूचना देना अनिवार्य होगा। बिना सूचना धर्मांतरण को अवैध माना जाएगा।

शादी के लिए धर्म परिवर्तन अमान्य

यदि विवाह केवल धर्म परिवर्तन के उद्देश्य से किया गया है, तो अदालत उसे शून्य घोषित कर सकेगी। ऐसे मामलों की जांच जिला मजिस्ट्रेट करेंगे।

विदेशी फंडिंग पर सख्ती, विशेष अदालतें

धर्मांतरण से जुड़ी विदेशी फंडिंग पर रोक लगाई गई है। दोषी संस्थाओं का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जाएगा। साथ ही हर जिले में विशेष अदालत गठित कर मामलों का निपटारा 6 महीने में करने का लक्ष्य रखा गया है।

सदन में हंगामा

विधेयक पारित होने के बाद सत्तापक्ष ने समर्थन में नारे लगाए, जबकि विपक्ष ने विरोध करते हुए वॉकआउट किया और व्यापक चर्चा की मांग उठाई।

क्यों लाया गया कानून?

सरकार के अनुसार, बस्तर, जशपुर और रायगढ़ जैसे क्षेत्रों में धर्मांतरण को लेकर बढ़ते विवाद और सामाजिक तनाव को देखते हुए यह कानून लाया गया है, ताकि बल, प्रलोभन और धोखाधड़ी से होने वाले धर्मांतरण पर रोक लगाई जा सके।

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