बालोद।छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में पुलिस महकमे के भीतर बड़ी हलचल मच गई है। एसपी योगेश पटेल ने कड़ा रुख अपनाते हुए अर्जुन्दा थाना प्रभारी जोगेंद्र साहू और आरक्षक पंकज तारम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक 16 सितंबर 2025 को एसपी ने आरक्षक पंकज तारम का स्थानांतरण अर्जुन्दा से गुंडरदेही थाना किया था। इस संबंध में कार्यालयीन पत्र क्रमांक पु.अ./बालोद/स्था./एच/403/2025 जारी किया गया था। आदेश के बाद सभी प्रभारियों को संबंधित कर्मचारी को नई पदस्थापना पर रवानगी देने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन सूत्रों के अनुसार अर्जुन्दा थाना प्रभारी जोगेंद्र साहू ने आरक्षक को गुंडरदेही के लिए रवानगी नहीं दी। यही बात एसपी की नजर में आई और इसे आदेश की अवहेलना, अनुशासनहीनता और गैरजिम्मेदाराना आचरण माना गया।
आदेश की अनदेखी पड़ी भारी
एसपी द्वारा जारी निलंबन आदेश में साफ उल्लेख है कि स्थानांतरण के बाद भी कर्मचारी को नई पदस्थापना के लिए नहीं भेजा गया। इसे पदीय कर्तव्यों के प्रति लापरवाही और स्वेच्छाचारिता माना गया है।
परिणामस्वरूप थाना प्रभारी जोगेंद्र साहू और आरक्षक पंकज तारम दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केंद्र बालोद संबद्ध कर दिया गया है।
महकमे में चर्चा तेज
इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। संदेश साफ है, आदेश की अनदेखी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निलंबन अवधि के दौरान दोनों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा, लेकिन यह कार्रवाई विभागीय सख्ती का स्पष्ट संकेत मानी जा रही है।



