Featuredकोरबासामाजिक

Breaking: बालको के खिलाफ डेंगुरनाला में फूटा जन-आक्रोश, चक्काजाम से थमे पहिए

केमिकल युक्त पानी छोड़ने का आरोप: छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के आंदोलन को मिला ग्रामीणों का भारी समर्थन

कोरबा। BALCO Protest in Dengurnala बालको पावर प्लांट द्वारा केशला नदी (डेंगुरनाला) में कथित रूप से केमिकल युक्त दूषित पानी छोड़े जाने के विरोध में सोमवार को छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना (गैर राजनीतिक संगठन) के नेतृत्व में बड़ा जनआंदोलन हुआ। डेंगुरनाला क्षेत्र में किए गए इस चक्काजाम आंदोलन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और क्षेत्र में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। स्थानीय ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं के भारी हुजूम के कारण प्रशासन को अंततः बैकफुट पर आना पड़ा।

 

 

यह आंदोलन संगठन के जिला सह सचिव बसंत दास महंत की अगुवाई में आयोजित किया गया था, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष दिलीप मिरी और जिला संयोजक अतुल दास महंत सहित जिला व ब्लॉक स्तर के सैकड़ों पदाधिकारी व हजारों की संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।

 

मवेशी खतरे में, लोग दूषित पानी पीने को मजबूर: क्रांति सेना

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए संगठन के पदाधिकारियों ने बालको प्रबंधन पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्लांट से निकलने वाले जहरीले और केमिकल युक्त पानी को सीधे नदी में बहाकर पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

मुद्दे जो बने आंदोलन की वजह:

जल प्रदूषण: डेंगुरनाला का पानी अत्यधिक प्रदूषित हो चुका है, जिससे आस-पास के गांवों में जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

रोजगार की उपेक्षा: सीएसआर (CSR) मद और मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार देने में लगातार पक्षपात और उपेक्षा की जा रही है।

बेजुबानों पर संकट: दूषित पानी पीने के कारण क्षेत्र के मवेशी गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button