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Breaking: जनपद पंचायत में नियमों का ‘डबल स्टैंडर्ड’! महिला इंजीनियर को RTI लगाने पर मजबूर होना पड़ा, CEO पर टारगेट करने का आरोप

मुंगेली। जनपद पंचायत मुंगेली में पदस्थ इंजीनियर ने कार्यालय के अंदर भेदभाव और दबाव का गंभीर आरोप लगाया है। इंजीनियर का कहना है कि एक ही विभाग में दो इंजीनियर कार्यरत हैं, लेकिन नियम और व्यवहार दोनों के लिए अलग-अलग अपनाए जा रहे हैं।

महिला इंजीनियर के अनुसार वे पिछले दो वर्षों से मुंगेली में पदस्थ हैं, जबकि दूसरे इंजीनियर करीब 12 वर्षों से जमे हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि कार्यालय में पारदर्शिता नहीं मिलने के कारण उन्हें मजबूर होकर अपने ही विभाग के खिलाफ सूचना के अधिकार (RTI) का सहारा लेना पड़ा।
इंजीनियर का आरोप है कि जब वे RTI आवेदन लेकर कार्यालय पहुंचीं तो अधिकारियों ने कहा कि उनके खिलाफ कोई शिकायत या जांच नहीं चल रही है, जबकि दस्तावेजों में जांच का उल्लेख सामने आया है। उन्होंने जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पांडे पर भी अप्रत्यक्ष रूप से टारगेट करने का आरोप लगाया।
मामले को लेकर उन्होंने कहा कि यह मुद्दा उनके मुंगेली आने से पहले से चल रहा है, लेकिन संबंधित अधिकारी जांच पूरी करने में सक्षम नहीं हो पा रहे हैं। वहीं उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी भी तरह के दबाव या राजनीतिक हस्तक्षेप के बावजूद वे गलत के खिलाफ आवाज उठाती रहेंगी।
इस पूरे मामले ने जनपद पंचायत मुंगेली में प्रशासनिक कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि आरोपों के बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।

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