Bilaspur Violence: मामूली कहासुनी के बाद खूनी संघर्ष, जमकर पथराव; पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

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Bilaspur Violence

बिलासपुर, 29 अगस्त। Bilaspur Violence: छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में शुक्रवार शाम दो गुटों के युवकों के बीच शुरू हुई मामूली कहासुनी देर रात हिंसक झड़प में बदल गई। कोतवाली थाना क्षेत्र के खपरगंज इलाके में दोनों पक्षों के बीच जमकर पथराव हुआ। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

घटना में कई लोगों के घायल होने की सूचना है। पथराव की चपेट में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल बताए जा रहे हैं। हालात को नियंत्रित करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को खुद मौके पर मोर्चा संभालना पड़ा।

रास्ते से निकलने को लेकर शुरू हुआ विवाद

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रास्ते से निकलने की बात को लेकर दोनों पक्षों के कुछ युवकों के बीच विवाद शुरू हुआ था। देखते ही देखते कहासुनी हाथापाई में बदल गई। इसके बाद दोनों ओर से और लोग मौके पर पहुंचने लगे और स्थिति तेजी से बिगड़ती चली गई। कुछ ही देर में इलाके में पत्थरबाजी शुरू हो गई।

पथराव में 12 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना

हिंसक झड़प और पथराव में 12 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना सामने आई है। घटना की जानकारी फैलते ही आसपास के इलाकों से लोगों का जमावड़ा बढ़ने लगा। शुरुआती दौर में सीमित पुलिस बल को भीड़ को नियंत्रित करने में मशक्कत करनी पड़ी। कोतवाली थाना परिसर के बाहर भी लोगों की भीड़ जुट गई, जिसे हटाने के लिए पुलिस को अश्रु गैस के गोले छोड़ने पड़े।

एसएसपी ने संभाली कमान, देर रात तक चला पुलिस अभियान

बिगड़ते हालात को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने खुद स्थिति की कमान संभाली। देर रात तक बड़ी संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती कर इलाके में शांति व्यवस्था बहाल करने का प्रयास किया गया।

बताया जा रहा है कि रात करीब डेढ़ बजे पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए उपद्रवियों को इलाके से खदेड़ दिया। इसके बाद आसपास के क्षेत्रों में संदिग्धों और उपद्रवियों की तलाश शुरू की गई।

अधिकारियों की बैठक, पूरे शहर का पुलिस बल मुख्यालय तलब

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने बैठक कर आगे की रणनीति बनाई। जिलाधिकारी संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने अधिकारियों के साथ मिलकर शांति व्यवस्था बहाल करने के प्रयास किए।

तनाव बढ़ने के बाद जिले के विभिन्न थानों से पुलिस बल बिलासपुर मुख्यालय बुलाया गया। अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई और कुछ इलाकों में आवाजाही पर भी नियंत्रण रखा गया।

CCTV और वीडियो फुटेज से उपद्रवियों की पहचान

पुलिस अब सीसीटीवी कैमरों और वीडियो फुटेज की जांच कर उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने वाले लोगों पर भी नजर रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।

वाहनों में तोड़फोड़, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात

हिंसा के दौरान कुछ वाहनों में तोड़फोड़ की भी सूचना है। संकरी गलियों में खड़ी कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया। देर रात अतिरिक्त पुलिस बल पहुंचने के बाद पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया और पूरे प्रभावित इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी। इसके बाद उपद्रवियों को खदेड़ते हुए स्थिति को नियंत्रण में करने का प्रयास किया गया।

फिलहाल इलाके में पुलिस की निगरानी जारी है और संदिग्धों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास नहीं करने की अपील की है।

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