Big Success of Forces : अबूझमाड़ मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी…! भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद

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Big Success of Forces
नारायणपुर, 29 अगस्त। Big Success of Forces : नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘माड़ बचाओ’ अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। सुरक्षाबलों ने भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और नक्सली सामग्री बरामद की है। इसमें अत्याधुनिक हथियार जैसे एके-47, इंसास, एलएमजी, स्टेन गन, 51 मिमी मोर्टार सहित कई घातक हथियार शामिल हैं।

मुठभेड़ के दौरान जंगल छोड़ भागे नक्सली

डीआरजी, एसटीएफ और आईटीबीपी की संयुक्त टीम जब सूचना के आधार पर कुतुल एरिया कमेटी के जंगल क्षेत्र में पहुंची, तो घात लगाए नक्सलियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की, लेकिन भारी दबाव के चलते नक्सली नदी-नालों और जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले।

बरामद हुए हथियार और विस्फोटक सामग्री

घटनास्थल की सघन सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बलों को भारी मात्रा में नक्सलियों द्वारा डम्प किए गए हथियार और विस्फोटक सामग्री मिली। बरामद सामग्री में शामिल हैं:
  • 01 नग 7.62 mm LMG
  • 01 नग 51 mm मोर्टार
  • 01 नग इंसास, 01 नग स्टेन गन, 02 नग 9mm पिस्टल
  • 49 नग भरमार बंदूक, 08 नग बीजीएल लांचर
  • 99 नग विभिन्न प्रकार के बीजीएल सेल (बड़े, मीडियम, छोटे)
  • 08 नग देशी हैंड ग्रेनेड, 141 बंडल सेफ्टी फ्यूज, 05 नग इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर
  • 01 नग गार्मीन GPS, 02 फोर व्हीलर रिमोट स्वीच,
  • और नक्सली प्रचार साहित्य

रणनीतिक और मनोवैज्ञानिक क्षति

अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान से नक्सलियों को गंभीर रणनीतिक और मनोवैज्ञानिक क्षति पहुंची है। मुठभेड़ के दौरान कई नक्सलियों के घायल होने की भी संभावना है। अबूझमाड़ जैसे दुर्गम इलाके में लगातार 5 दिनों से सुरक्षाबल नक्सल विरोधी गश्त में जुटे हुए हैं।

एसपी और IG की अपील

एसपी नारायणपुर रोबिनसन गुरिया ने कहा कि माओवादियों की विचारधारा से अबूझमाड़ के मूल निवासियों को मुक्त करना उनका मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने नक्सलियों से आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की। वहीं IG सुंदरराज पी. ने कहा कि 2025 में सुरक्षा बलों ने नक्सल संगठनों के शीर्ष नेतृत्व को भी भारी क्षति पहुंचाई है। अब उनके पास हिंसा छोड़ आत्मसमर्पण के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। यह मुठभेड़ बस्तर को नक्सल-मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। ‘माड़ बचाओ’ अभियान के तहत जिस तरह से सुरक्षाबलों ने लगातार दुर्गम क्षेत्रों में सघन कार्रवाई की है, वह इस क्षेत्र में स्थायी शांति और विकास की नई उम्मीद लेकर आई है।
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