बालकोनगर, 29 नवंबर। BALCO दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) ने अपना 13वां वार्षिक समारोह बड़े उत्साह और गरिमा के साथ मनाया, जिसमें सांस्कृतिक विरासत, आधुनिकता और विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा का शानदार संगम देखने को मिला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार रहे। उन्होंने अपने प्रेरणादायी संबोधन में आधुनिक तकनीकी युग में भारतीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम की शानदार शुरुआत
समारोह की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद विद्यालय के विद्यार्थियों ने मधुर स्वागत गीत प्रस्तुत कर दर्शकों का हृदय जीत लिया। छेरछेरा, हरेली, पोंगल, बिहू और बैसाखी जैसे देशभर के प्रमुख फसल त्योहारों पर आधारित नृत्य प्रस्तुतियों ने भारत की विविधता को मनोहारी रूप में मंच पर जीवंत कर दिया। ‘भक्त प्रह्लाद’ पर आधारित नाट्य प्रस्तुति शाम का प्रमुख आकर्षण बनी।
शैक्षणिक और सहगामी गतिविधियों में उपलब्धियां
वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए डीपीएस बालको के प्राचार्य कैलाश पवार ने बताया कि वर्ष 2025 विद्यालय के लिए उपलब्धियों से भरा रहा। शैक्षणिक, सांस्कृतिक, खेलकूद और सहगामी गतिविधियों में छात्रों ने जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि विद्यालय की एनसीसी यूनिट पूरी तरह सक्रिय है, जो विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रभावना को मजबूत कर रही है। उन्होंने शिक्षकों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि विद्यालय प्रत्येक विद्यार्थी को उसकी प्रतिभा के अनुरूप नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्य अतिथि का प्रेरक संदेश
सीईओ एवं निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि बच्चों में अनुशासन, मूल्य और संस्कारों का सिंचन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का समग्र विकास ही उन्हें भविष्य में श्रेष्ठ नागरिक बनाएगा। उन्होंने बालको डीपीएस के 13वें वार्षिक समारोह को शिक्षा, संस्कृति और विकास के प्रति विद्यालय के समर्पण का प्रतीक बताया। बच्चों की आत्मविश्वास भरी शानदार प्रस्तुतियों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा, बड़े सपने देखिए, लगन से सीखते रहिए और अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखिए। भविष्य उन्हीं का है जो लगातार आगे बढ़ते हैं।
राष्ट्रीय एकता का संदेश
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय एकता और विविधता में एकता का संदेश देते हुए हुआ। एक हजार से अधिक दर्शकों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रीय गान गाकर इस यादगार शाम को अविस्मरणीय बना दिया।