अंबिकापुर में बिजली संकट: 12 करोड़ बकाये पर निगम की 24 जगहों की बिजली काटी, स्ट्रीट लाइट पर भी खतरा

NPZ Desk
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Ambikapur News: अंबिकापुर नगर निगम पर करीब 12 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया होने के बाद विद्युत विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। लंबे समय से भुगतान लंबित रहने के कारण बिजली कंपनी ने नगर निगम से जुड़े 24 स्थानों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी है। हालांकि, आम लोगों से जुड़ी जरूरी सेवाओं को देखते हुए प्रशासनिक भवन और पानी की व्यवस्था को फिलहाल बिजली कटौती से बाहर रखा गया है।

बिजली कटौती का सबसे ज्यादा असर शहर की खेल सुविधाओं पर पड़ा है। गांधी स्टेडियम परिसर स्थित इंडोर स्टेडियम, बैडमिंटन हॉल, स्पोर्ट्स हॉस्टल और तरणताल समेत कई स्थानों पर बिजली नहीं होने से खिलाड़ियों को परेशानी हो रही है। इंडोर स्टेडियम में बैडमिंटन और टेबल टेनिस जैसी गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। वहीं स्पोर्ट्स हॉस्टल और तरणताल की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हुई हैं।

चार किश्तों में भुगतान का मिला था विकल्प

बताया जा रहा है कि नगर निगम का बिजली बिल कई वर्षों से लंबित है। भुगतान नहीं होने के कारण बकाया बढ़कर करीब 12 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। विद्युत विभाग ने निगम को बकाया चुकाने के लिए चार किश्तों में भुगतान की सुविधा दी थी, लेकिन पहली किश्त जमा करने की निर्धारित समय सीमा निकल चुकी है। अब विभाग पुराने बकाये के साथ तीन महीने का प्री-पेड एडवांस भुगतान भी चाहता है।

महापौर ने पुराने बकाये को बताया वजह

नगर निगम की महापौर मंजूषा भगत ने बकाये को पुराना बिजली बिल बताते हुए कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बिल का भुगतान नहीं किया गया, जिससे राशि लगातार बढ़ती गई। उनका कहना है कि निगम अब बकाये का भुगतान धीरे-धीरे कर रहा है और जल्द ही बंद पड़ी सुविधाओं की बिजली बहाल कराने का प्रयास किया जा रहा है।

स्ट्रीट लाइट पर भी मंडरा रहा कटौती का खतरा

विद्युत विभाग नगर निगम से जुड़े अन्य स्थानों पर भी कार्रवाई कर सकता है। इसमें रिंग रोड की स्ट्रीट लाइट भी शामिल है। यदि यहां बिजली काटी जाती है तो शहर की रात की रोशनी व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। हालांकि, पानी जैसी अति आवश्यक सेवाओं को फिलहाल बिजली कटौती से राहत दी गई है।

प्रशासन की बिजली विभाग से बातचीत जारी

मामले को लेकर जिला प्रशासन बिजली कंपनी और नगर निगम के अधिकारियों के बीच समन्वय बनाने में जुटा है। जानकारी के अनुसार, कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति दोबारा शुरू भी कराई गई है। अब नगर निगम के सामने करीब 12 करोड़ रुपये के बकाये का भुगतान करने के साथ प्रभावित खेल और अन्य सुविधाओं की बिजली व्यवस्था सामान्य कराने की चुनौती है।

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