
कोरबा। सोनालिया पुल और रेलवे फाटक के पास बनने वाले रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) को लेकर पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर द्वारा डीएमएफ से 80 करोड़ रुपये के नियम-विरुद्ध आवंटन का आरोप लगाया गया था, जिसका जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) कोरबा ने खंडन किया है। परियोजना समन्वयक ने स्पष्ट किया कि सोनालिया ज्वेलर्स के पास चांपा-गेवरा रेल लाइन के लेवल क्रॉसिंग पर भारी ट्रैफिक की समस्या को देखते हुए जनता और जनप्रतिनिधियों की मांग पर आरयूबी निर्माण की स्वीकृति दी गई।
छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम 2015 के तहत भौतिक अधोसंरचना क्षेत्र में सड़कों और पुलों जैसे कार्यों के लिए प्रावधान है। इसी के तहत 2 फरवरी 2024 को शासी परिषद की बैठक में 30.97 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई, न कि 80 करोड़। इस राशि में डीएमएफ और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे 15.48-15.48 करोड़ रुपये वहन करेंगे। निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग (सेतु) द्वारा निविदा प्रक्रिया जारी है।
इसके अतिरिक्त, 18 जुलाई 2024 की बैठक में प्रभावित संपत्तियों के मूल्यांकन के लिए 3.34 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई, जो भूमि अर्जन अधिनियम 2013 के तहत पारदर्शी तरीके से किया गया। डीएमएफ और शासन के नियमों का पालन करते हुए सभी स्वीकृतियां दी गई हैं। इसलिए, पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर का 80 करोड़ के आवंटन का आरोप निराधार है, जिसका खंडन किया जाता है।