VDO : मंच से “दादी” लखमा बोले- बेटे के लिए बेटे तलाशने गया था डौकी, पार्टी ने मुझे दुल्हन सौंप दी…

Desk Reporter
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रायपुर। अपने निराले अंदाज के साथ ही अपने बयानों के लिए हमेशा सुर्खियों में रहने वाले कवासी लखमा ने एक बार फिर से मंच के माध्यम से एक बयान दे दिया। जिसमें बस्तर लोकसभा से मुझे टिकट न देते हुए बस्तर के बड़े नेता दीपक बैज को देने की बात कही है। साथ ही अपने बयान में इस बात का भी जिक्र किया कि मैं तो अपने बेटे के लिए डौकी खोजने गया था, लेकिन पार्टी ने तो मुझे ही दुल्हन दे दी।

 

कवासी लखमा के द्वारा दिया गया बयान फिर से चर्चा का विषय बन गया। इस बयान के बाद मंच पर मौजूद अन्य नेताओं ने हंसकर बात आगे बढ़ा दी। बुधवार को कांग्रेस पार्टी द्वारा जगदलपुर के लालबाग मैदान में नामांकन सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए कवासी लखमा ने बेहद अलग अंदाज में कहा कि मैं तो अपने बेटे के लिए बहू तलाशने गया था, लेकिन पार्टी ने मुझे ही दुल्हन सौंप दी।

कवासी लखमा के इस बयान के बाद सभा में मौजूद सभी नेताओं के द्वारा ठहाके लगा दिए। बता दें कि लोकसभा चुनाव के प्रबल दावेदार माने जा रहे पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज को टिकट न देते हुए बस्तर लोकसभा से कांग्रेस ने कोंटा विधानसभा से छह बार के विधायक रह चुके कवासी लखमा को प्रत्याशी बनाया। टिकट मिलने से पहले तक कवासी लखमा दिल्ली तक पंहुच गए थे। कवासी लखमा का विचार था कि कांग्रेस पार्टी उनके बेटे, सुकमा जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश कवासी को लोकसभा चुनाव का टिकट दे।

लेकिन कांग्रेस पार्टी ने काफी मंथन के बाद लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी के रूप में कवासी लखमा को ही प्रत्याशी घोषित किया। कवासी लखमा के इस बयान ने कांग्रेस के अंदर टिकट को लेकर चल रहे खींचतान को भी साफ कर दिया। सभा को संबोधित करते हुए कवासी लखमा ने पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज को पार्टी का सबसे बड़ा नेता बताया. साथ ही दीपक बैज को लोकसभा का टिकट नहीं मिलने से उनके समर्थकों में अच्छी खासी नाराजगी देखी जा रही है।

इस बात को लेकर समर्थकों की नाराजगी कही भी नहीं देखी जा रही है। लेकिन कवासी लखमा को इस बात का अंदाजा है कि अगर उन्हें लोकसभा चुनाव में अपनी जीत को दर्ज करना है तो उन्हें बस्तर से दीपक बैज के समर्थकों को भी साथ लेकर चलना होगा, कवासी लखमा ने अपने बयान से यह स्पष्ट कर दिया है कि दीपक बैज पीसीसी अध्यक्ष हैं, साथ ही प्रदेश के सबसे बड़े नेता हैं और उनकी जिम्मेदारी 11 लोकसभा सीट जीतने की होगी।

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