कोरबा। Korba Police : गणेश उत्सव और विसर्जन को लेकर कोरबा पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। पुलिस ने करीब 32 गुंडा बदमाश, 26 निगरानी बदमाश और मारपीट व शरीर संबंधी अपराधों में संलिप्त रहे करीब 80 लोगों की तस्दीक कर उन्हें कड़ी समझाइश दी है। संदेश साफ है, त्योहार में गुंडागर्दी की तो कार्रवाई तय है।
लेकिन शहर की चर्चा में एक सवाल और घूम रहा है… जब खाकी की नजर गुंडों की गतिविधियों पर इतनी पैनी है, तो कथित सट्टे के कारोबार की ‘चहल-पहल’ आखिर किस नजर से ओझल है?
गणेश जी के पंडालों में आरती और भक्ति का माहौल रहेगा, वहीं शहर के कुछ हिस्सों में सट्टे के कथित खेल को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। पुलिस का कहना है कि असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा रही है। ऐसे में आम आदमी का मासूम सवाल है कि निगरानी की सूची में सिर्फ निगरानी बदमाश हैं या सट्टे के अड्डे भी कभी निगरानी में आएंगे?
गुंडों को समझाइश, सटोरियों को क्या संदेश?
पुलिस ने साफ कहा है कि त्योहार की आड़ में दहशत, विवाद या अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यह अच्छी बात है। लेकिन कानून-व्यवस्था केवल सड़क पर हुड़दंग करने वालों से नहीं बिगड़ती। अवैध सट्टा भी अपराध की ऐसी कड़ी है, जो कई दूसरे अपराधों को जन्म देने का जरिया बन सकता है।
शहर में यदि सट्टे के कारोबार को लेकर लगातार चर्चाएं हैं तो पुलिस की सक्रियता का अगला इम्तिहान भी यही है कि क्या इन चर्चाओं पर कार्रवाई की गूंज सुनाई देती है या फिर गणेश विसर्जन तक सट्टे का खेल भी ‘निर्विघ्न’ चलता रहेगा?
खाकी का संदेश साफ, अब कार्रवाई का इंतजार
पुलिस ने कहा है, “त्योहार खुशी से मनाएं, कानून हाथ में लिया तो कार्रवाई तय।” शहर भी यही चाहता है कि कानून सबके लिए एक जैसा हो। गुंडा बदमाश हो या अवैध कारोबार चलाने वाला, कार्रवाई का पैमाना एक ही होना चाहिए।
गणेश उत्सव में पुलिस की चौकसी से श्रद्धालुओं को सुरक्षा का भरोसा जरूर मिला है। अब नजर इस बात पर भी रहेगी कि गणेश जी की प्रतिमा के साथ शहर से सिर्फ विसर्जन का जुलूस निकलता है या सट्टे के कथित कारोबार पर भी पुलिस की कार्रवाई का ‘श्रीगणेश’ होता है।


