Durg rape case: दुर्ग में मासूम बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में 17 महीने बाद कोर्ट ने आरोपी चाचा को मौत की सजा सुनाई है।
दुर्ग।Durg rape case छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में मासूम बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में जिला न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। घटना के करीब 17 महीने बाद कोर्ट ने आरोपी चाचा को मृत्यु दंड की सजा दी है। मामला मोहन नगर थाना क्षेत्र का है और घटना नवरात्रि के दौरान हुई थी।
क्या है मामला
मामले में बच्ची नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन के लिए पड़ोस में रहने वाली अपनी दादी के घर गई थी। देर शाम तक जब वह वापस घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद भी बच्ची का पता नहीं चला तो परिजनों ने मोहन नगर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
इसके बाद पुलिस ने बच्ची की तलाश शुरू की। इसी दौरान उसका शव पड़ोस में खड़ी एक कार से बरामद हुआ। बच्ची के शरीर पर चोट और खरोंच के निशान भी मिले थे।
पड़ोस में खड़ी कार से मिला था बच्ची का शव
बच्ची के लापता होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान पड़ोस में खड़ी एक कार से बच्ची का शव बरामद किया गया। शव मिलने के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया। आक्रोशित लोगों ने कार में तोड़फोड़ करने के साथ आगजनी भी की थी। पुलिस ने मामले में तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया था। इसके बाद जांच आगे बढ़ी और मामले में आरोपी चाचा के खिलाफ कार्रवाई की गई।
पोस्टमार्टम में सामने आई दुष्कर्म की बात
पुलिस जांच के दौरान बच्ची का पोस्टमार्टम कराया गया था। पोस्टमार्टम की प्राथमिक रिपोर्ट में बच्ची के साथ दुष्कर्म की बात सामने आई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों से पूछताछ की। अब मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद जिला न्यायालय ने आरोपी चाचा को मृत्यु दंड की सजा सुनाई है।












