सागर, 06 सितंबर। Sagar Poisonous Liquor Case : मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में जहरीली और अवैध शराब के सेवन से मौतों का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 35 लोगों को अस्पताल लाया गया है। हालांकि कलेक्टर प्रतिभा पाल ने फिलहाल 10 मौतों की पुष्टि की है। गंभीर मरीजों को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) रेफर किया जा रहा है। सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए बंडा सिविल अस्पताल लाया गया है।
नौराज और घुघरा खुर्द में सबसे ज्यादा असर, गांवों में स्क्रीनिंग
कलेक्टर प्रतिभा पाल के मुताबिक मामला बंडा थाना क्षेत्र के नौराज और घुघरा खुर्द गांवों में केंद्रित है। शनिवार सुबह करीब साढ़े चार बजे प्रशासन को पहली सूचना मिली थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में पहुंचीं और शराब का सेवन करने वाले लोगों की स्क्रीनिंग शुरू की गई।
जिन लोगों में संदिग्ध लक्षण मिल रहे हैं, उन्हें तत्काल अस्पताल भेजा जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि शराब पीने के बाद उल्टी, सिरदर्द, बुखार या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।

पोस्टमॉर्टम में मिथाइल अल्कोहल की आशंका, ललितपुर से सप्लाई का एंगल
कलेक्टर ने बताया कि अब तक हुए दो-तीन पोस्टमॉर्टम में प्रथम दृष्टया मिथाइल अल्कोहल के सेवन की बात सामने आई है। हालांकि मामले की वास्तविक वजह पोस्टमॉर्टम और जांच की विस्तृत रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी।
एसपी अनुराग सुजानिया के अनुसार, प्राथमिक जांच में शराब की सप्लाई उत्तर प्रदेश के ललितपुर से होने की बात सामने आई है। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है और ललितपुर में भी कथित सप्लाई नेटवर्क की जांच की जा रही है।
डॉक्टरों के अनुसार अस्पताल लाए गए कुछ मरीजों के शरीर नीले पड़ने और अकड़न जैसे लक्षण सामने आए हैं। गंभीर मरीजों के इलाज के लिए बीएमसी में अलग से बेड आरक्षित किए गए हैं। पोस्टमॉर्टम और अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है।

6 शराब दुकानें सील, कमिश्नर-IG-कलेक्टर-SP ने संभाला मोर्चा
मौतों की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। सागर कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और एसपी प्रभावित गांवों में पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर मरीजों के इलाज और व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली।
एहतियातन क्षेत्र की 6 शराब दुकानों को सील करने और उनके सैंपल लेने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
एक मृतक के परिजन रामकुमार दांगी ने बताया कि उनके गांव में चार लोगों की मौत हुई है। उनके मुताबिक तीन लोगों ने साथ में शराब पी थी और इसके बाद उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ी। उन्होंने दावा किया कि एक व्यक्ति ने करीब आधे घंटे में दम तोड़ दिया।
CM मोहन यादव का सख्त एक्शन का संदेश, कांग्रेस ने उठाए सवाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई रवाना होने से पहले कहा कि उन्होंने प्रभारी मंत्री और अधिकारियों को मौके पर तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में कठोर कार्रवाई की जाएगी और ऐसी घटनाओं को सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी।
डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने भी कहा कि घटना के लिए जो भी व्यक्ति जिम्मेदार होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कलेक्टर और एसपी से मामले की जानकारी लेने की बात कही है। आबकारी विभाग के अधिकारियों को भी मौके पर भेजा गया है।

वहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि जहरीली शराब का कारोबार किसके संरक्षण में चल रहा है और शराब माफिया बेखौफ क्यों हैं। उन्होंने उच्चस्तरीय जांच, जिम्मेदार लोगों और कथित संरक्षण देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई तथा मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी तत्काल उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि मौतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका को देखते हुए सरकार को तत्काल कदम उठाने चाहिए। वहीं बंडा के पूर्व कांग्रेस विधायक तरवर सिंह लोधी ने दावा किया है कि पिछले तीन-चार दिनों में हजारों लोगों ने यह शराब पी हो सकती है। उन्होंने दोषियों पर हत्या का मामला दर्ज करने और मृतकों के परिजनों को ₹1 करोड़ मुआवजा देने की मांग की है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।












