Korba Police Mock Drill: ऐसा क्या हुआ कि एक साथ SDRF, मेडिकल टीम, RPF, GRP और पहुंची कोरबा पुलिस? यात्रियों को किया अलर्ट… जानें पूरा मामला

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Korba Police Mock Drill : कोरबा रेलवे स्टेशन पर Korba Police Mock Drill में SDRF, RPF, GRP और मेडिकल टीम ने आपदा प्रबंधन, रेस्क्यू, फायर सेफ्टी और साइबर सुरक्षा की तैयारियों का अभ्यास किया।

कोरबा। Korba Police Mock Drill : कोरबा रेलवे स्टेशन पर अचानक SDRF, मेडिकल टीम, RPF, GRP और कोरबा पुलिस की मौजूदगी ने यात्रियों का ध्यान खींच लिया। आखिर ऐसा क्या हुआ कि इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षा और राहत एजेंसियां एक साथ रेलवे स्टेशन पहुंचीं? कुछ देर के लिए यात्रियों में भी कौतूहल का माहौल बन गया। हालांकि, मामला किसी वास्तविक हादसे का नहीं, बल्कि आपदा प्रबंधन और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आयोजित संयुक्त मॉक ड्रिल का था।

 

हादसा हो तो कैसे होगा रेस्क्यू? स्टेशन पर हुआ पूरा अभ्यास

 

कोरबा पुलिस द्वारा आयोजित इस संयुक्त मॉक ड्रिल में SDRF, मेडिकल टीम, RPF, GRP और कोरबा पुलिस बल ने हिस्सा लिया। अभ्यास के दौरान रेलवे स्टेशन या ट्रेन में दुर्घटना अथवा किसी अन्य आपदा की स्थिति पैदा होने पर तत्काल राहत और बचाव कार्य कैसे शुरू किया जाएगा, इसका रिहर्सल किया गया।

 

यात्रियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने, रेस्क्यू के लिए निर्धारित रूट, अलग-अलग टीमों की जिम्मेदारी और आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लेने की प्रक्रिया पर विस्तार से अभ्यास किया गया।

 

ट्रेन की पैंट्री में आग लगे तो क्या करेंगे? दिया गया लाइव डेमो

 

मॉक ड्रिल के दौरान ट्रेन की पैंट्री या रेलवे स्टेशन परिसर में आग लगने जैसी स्थिति से निपटने की जानकारी भी दी गई। फायर सेफ्टी और होमगार्ड के कर्मचारियों ने फायर एक्सटिंग्विशर के इस्तेमाल तथा आग पर काबू पाने के प्राथमिक उपायों की व्यावहारिक जानकारी दी।

 

स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और आम नागरिकों को भी समझाया गया कि आगजनी की स्थिति में घबराने के बजाय सुरक्षित तरीके से बाहर निकलें और राहत-बचाव टीम के निर्देशों का पालन करें।

 

मॉक ड्रिल के बीच साइबर ठगी को लेकर भी अलर्ट

 

कार्यक्रम के दौरान कोरबा पुलिस के साइबर जागृति अभियान के तहत यात्रियों को साइबर अपराधों से बचने के तरीके भी बताए गए। खासतौर पर रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में उपलब्ध RailWire/RailNet फ्री Wi-Fi का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई।

 

पुलिस ने यात्रियों से कहा कि सार्वजनिक Wi-Fi पर बैंकिंग, UPI, पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और अनजान वेबसाइट या ऐप पर निजी जानकारी दर्ज करने से भी बचें।साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करने की अपील की गई।

 

ये अधिकारी रहे मौजूद

 

मॉक ड्रिल के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी, रक्षित निरीक्षक अनथ राम पैंकरा, RPF इंस्पेक्टर सतीश कुमार, साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक ललित चंद्रा सहित SDRF, GRP, RPF, मेडिकल टीम, होमगार्ड और कोरबा पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

 

क्यों कराई गई इतनी बड़ी मॉक ड्रिल?

 

इस संयुक्त अभ्यास का मकसद किसी भी आकस्मिक घटना के दौरान पुलिस और अन्य राहत एजेंसियों की तत्काल प्रतिक्रिया, रेस्क्यू ऑपरेशन, आपसी समन्वय और यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत करना था।

 

यानी रेलवे स्टेशन पर अचानक दिखी सुरक्षा और राहत एजेंसियों की भारी मौजूदगी किसी हादसे का संकेत नहीं, बल्कि हादसा होने की स्थिति में उससे निपटने की तैयारी का बड़ा अभ्यास थी।

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