सारंगढ़-बिलाईगढ़, 03 सितंबर। CG DEO Suspended : छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। राज्य शासन ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी जोईधा राम डहरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर महासमुंद जिले के बसना में विकासखंड शिक्षा अधिकारी रहते हुए सरकारी स्कूलों के विद्युत देयक की राशि में गड़बड़ी और शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।
बिजली बिल की रकम में गड़बड़ी का आरोप
स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी निलंबन आदेश के मुताबिक जोईधा राम डहरिया जब विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बसना, जिला महासमुंद के पद पर थे, उस दौरान शासकीय प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्कूलों के विद्युत देयक के लिए उपलब्ध राशि में कथित तौर पर गड़बड़ी हुई। आदेश में इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता बताते हुए उनके खिलाफ पदीय दायित्वों के निर्वहन में स्वेच्छाचारिता और गंभीर अनुशासनहीनता का उल्लेख किया गया है।
तत्काल प्रभाव से निलंबन, रायपुर बनाया मुख्यालय
राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत डहरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक (शिक्षा), रायपुर कार्यालय निर्धारित किया गया है। आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में नए अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार
डहरिया के निलंबन के बाद सारंगढ़-बिलाईगढ़ के जिला शिक्षा अधिकारी पद की व्यवस्था भी कर दी गई है। शासन ने लक्ष्मी नारायण पटेल, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, खरसिया, जिला रायगढ़ को अस्थायी रूप से प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। यह व्यवस्था नए जिला शिक्षा अधिकारी की नियुक्ति होने तक अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी।
DDO के अधिकार भी दिए गए
लक्ष्मी नारायण पटेल को प्रभारी DEO की जिम्मेदारी के साथ-साथ छत्तीसगढ़ कोषालय संहिता भाग-1 के सहायक नियम 125 के तहत आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDO) के अधिकार भी अस्थायी रूप से प्रदान किए गए हैं। अब विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी। राज्य शासन की इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ा बदलाव हुआ है।













