Korba Nagar Nigam Transfer: नगर निगम कोरबा में 6 अफसर-कर्मचारियों की जिम्मेदारियां बदलीं। राजस्व, संपत्तिकर, संपदा और जोन शाखाओं में नई तैनाती, देखें पूरी सूची।
कोरबा। Korba Nagar Nigam Transfer: नगर पालिक निगम कोरबा में एक बार फिर प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय के डिजिटल हस्ताक्षर से जारी आदेश में 6 अधिकारी-कर्मचारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव करते हुए नई पदस्थापना की गई है। आदेश तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगा।
इस फेरबदल में राजस्व, जलकर, संपत्तिकर, संपदा शाखा के साथ कोसाबाड़ी और पं. रविशंकर शुक्ल नगर जोन की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। यानी निगम के महत्वपूर्ण राजस्व और संपदा से जुड़े कामकाज में अब जिम्मेदारियों का नया समीकरण देखने को मिलेगा।
किसे हटाया, किसे मिली नई जिम्मेदारी?
1. सुमीत गुप्ता
सहायक राजस्व अधिकारी एवं उप जोन प्रभारी, कोसाबाड़ी जोन को उप जोन प्रभारी की जिम्मेदारी से मुक्त कर राजस्व एवं जलकर शाखा का सहायक नोडल बनाया गया है। वे नोडल अधिकारी नीरज कौशिक, उपायुक्त के मार्गदर्शन में कार्य करेंगे।
2. श्रीराम सिंह नेताम
कार्यालय अधीक्षक को कैश शाखा से हटाकर संपत्तिकर शाखा का सहायक नोडल बनाया गया है। वे नोडल अधिकारी नीरज कौशिक के मार्गदर्शन में जिम्मेदारी संभालेंगे।
3. अविनाश जायसवाल
राजस्व निरीक्षक एवं उप जोन प्रभारी, पं. रविशंकर शुक्ल नगर जोन की जिम्मेदारी से मुक्त कर कोसाबाड़ी जोन का उप जोन प्रभारी बनाया गया है।
4. भावेश यादव
राजस्व उप निरीक्षक को संपदा शाखा का सहायक नोडल नियुक्त किया गया है। उन्हें संपदा शाखा के नोडल अधिकारी के मार्गदर्शन में कार्य करना होगा।
5. उत्तम राठौर
राजस्व उप निरीक्षक, कोरबा जोन को वहां से हटाकर पं. रविशंकर शुक्ल नगर जोन का उप जोन प्रभारी बनाया गया है।
6. राम महतो
सहायक राजस्व निरीक्षक को संपदा शाखा (कॉम्प्लेक्स/दुकान) में पदस्थ किया गया है। वे संपदा शाखा के नोडल अधिकारी के मार्गदर्शन में काम करेंगे।
राजस्व से संपदा तक बदला पूरा समीकरण
निगम के इस आदेश को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि फेरबदल का सीधा असर राजस्व वसूली, जलकर, संपत्तिकर, दुकानों-कॉम्प्लेक्स और जोन स्तर के कामकाज पर पड़ सकता है। कई कर्मचारियों को मौजूदा जिम्मेदारियों से हटाकर दूसरी शाखाओं और जोन में नई भूमिका दी गई है।
अब नई जिम्मेदारियों के साथ अधिकारियों-कर्मचारियों की कार्यशैली पर निगाह रहेगी। खासकर राजस्व और संपदा शाखा, जहां निगम की आय से जुड़े महत्वपूर्ण काम होते हैं, वहां इस फेरबदल के बाद व्यवस्था कितनी चुस्त होती है, यह देखने वाली बात होगी।
आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और आगामी आदेश तक यह नई व्यवस्था जारी रहेगी।












