Packed Food Warning Label : पैकेट वाले खाने पर दिखेगा लाल निशान, ज्यादा चीनी-नमक और फैट पर मिलेगी चेतावनी, जानें FSSAI का प्रस्ताव

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Packed Food Warning Label

नई दिल्ली, 29 अगस्त। Packed Food Warning Label :  पैकेट वाले खाने के शौकीनों के लिए आने वाले समय में पैकेजिंग पर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। FSSAI ने ज्यादा चीनी, नमक और सैचुरेटेड फैट वाले पैक्ड फूड के लिए फ्रंट-ऑफ-पैक पर लाल Hexagon चेतावनी लेबल का प्रस्ताव रखा है। यह प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे का हिस्सा है। अगर यह व्यवस्था लागू होती है, तो ग्राहक पैकेट खोलने या खरीदने से पहले ही उसके फ्रंट पर मौजूद चेतावनी देखकर यह समझ सकेंगे कि किसी उत्पाद में संबंधित पोषक तत्व निर्धारित सीमा से अधिक हैं या नहीं।

पैकेट के सामने दिखेगा Red Hexagon Warning Label

FSSAI के प्रस्ताव के मुताबिक, ऐसे पैक्ड फूड जिनमें निर्धारित सीमा से अधिक एडेड शुगर, नमक और एडेड सैचुरेटेड फैट में से दो या उससे अधिक पोषक तत्व होंगे, उनके फ्रंट पर लाल रंग का षट्कोणीय चेतावनी चिन्ह लगाया जा सकता है। इन पोषक तत्वों की सीमा ICMR-NIN की ‘भारतीयों के लिए आहार संबंधी दिशानिर्देश, 2024’ के आधार पर तय किए जाने का प्रस्ताव है।

ग्राहक को सीधे मिलेगी ज्यादा चीनी-नमक की जानकारी

प्रस्तावित Front-of-Pack यानी FoP Warning System का उद्देश्य पोषण संबंधी जानकारी को पैकेट के सामने अधिक स्पष्ट बनाना है। उत्पाद के अनुसार लेबल पर ज्यादा चीनी, ज्यादा नमक, ज्यादा फैट जैसी चेतावनी दिखाई जा सकती है। कुछ विशेष मीठे पेय पदार्थों को भी प्रस्तावित व्यवस्था में शामिल किए जाने की बात कही गई है। FSSAI ने चेतावनी को प्रमुखता से दिखाने का प्रस्ताव रखा है, ताकि खरीदारी के समय ग्राहक इसे आसानी से पढ़ सकें।

दो चरणों में लागू करने का प्रस्ताव

FSSAI ने FoP चेतावनी व्यवस्था को दो चरणों में लागू करने का प्रस्ताव रखा है।

पहला चरण:

निर्धारित सीमा से अधिक दो या उससे ज्यादा संबंधित पोषक तत्व वाले उत्पादों को शामिल किया जाएगा। कुछ विशेष मीठे पेय भी इसमें शामिल हो सकते हैं।

दूसरा चरण:

बाद में इसका दायरा बढ़ाकर ऐसे उत्पादों को भी शामिल करने का प्रस्ताव है, जिनमें निर्धारित पोषक तत्वों में से कोई एक तय सीमा से ज्यादा हो। FSSAI का कहना है कि चरणबद्ध व्यवस्था से खाद्य उद्योग को उत्पादों में आवश्यक बदलाव करने के लिए समय मिल सकेगा।

घी, तेल, नमक और शहद पर लागू नहीं होगा प्रस्तावित नियम

हर खाद्य पदार्थ पर यह चेतावनी लागू करने का प्रस्ताव नहीं है। घी, खाने का तेल, नमक, चीनी, गुड़ और शहद जैसे कुछ एकल-सामग्री वाले या स्वाभाविक रूप से अधिक फैट, चीनी या नमक वाले उत्पादों को इस व्यवस्था से बाहर रखने की बात कही गई है। हालांकि, इन उत्पादों पर खाद्य सुरक्षा और लेबलिंग के अन्य मौजूदा नियम लागू रहेंगे।

सुप्रीम कोर्ट के मामले के बाद FSSAI का प्रस्ताव

पैक्ड फूड में चीनी, नमक और फैट की मात्रा की स्पष्ट जानकारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मामला चल रहा है। इसी मामले में FSSAI ने अदालत के समक्ष अपना प्रस्ताव रखा है। मामले में कोर्ट ने उपभोक्ताओं, खासकर बच्चों और नागरिकों को अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों के संभावित प्रभावों से बचाने और उन्हें पर्याप्त जानकारी देने की जरूरत पर सवाल उठाए थे।

अभी लागू नहीं हुआ है नया नियम

यहां सबसे जरूरी बात यह है कि लाल Hexagon Warning Label को लेकर FSSAI का यह प्रस्ताव है। इसे अभी से सभी पैकेट वाले खाद्य पदार्थों पर लागू नियम के तौर पर नहीं समझना चाहिए। आगे की प्रक्रिया और अंतिम नियमों के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन उत्पादों पर चेतावनी अनिवार्य होगी और इसे किस तरीके से लागू किया जाएगा।

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