दतिया, 29 अगस्त। Datia IAS : मध्य प्रदेश के दतिया जिला कलेक्टर *स्वप्निल वानखेड़े* ने रक्षाबंधन का पर्व एक खास और आत्मीय अंदाज में मनाया। कलेक्टर अपनी पत्नी और बेटे के साथ शहर की एक बस्ती में पहुंचे, जहां स्थानीय महिलाओं और नन्ही बच्चियों ने उन्हें और उनके बेटे को राखी बांधी।
इस दौरान एक ऐसा दृश्य भी देखने को मिला जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया। कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने बहनों के सम्मान में उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस पल का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स उनकी सादगी और इस व्यवहार की जमकर सराहना कर रहे हैं।
बस्ती की बहनों ने बांधी राखी, कलेक्टर ने लिया आशीर्वाद
रक्षाबंधन के अवसर पर स्वप्निल वानखेड़े अपने परिवार के साथ शहर की बस्ती में पहुंचे। वहां महिलाओं और छोटी बच्चियों ने प्यार और स्नेह के साथ कलेक्टर और उनके बेटे की कलाई पर रक्षासूत्र बांधा। कलेक्टर ने स्थानीय परिवारों से बातचीत की, उनका हालचाल जाना और त्योहार की खुशियां साझा कीं। बहनों के प्रति सम्मान जताते हुए उन्होंने उनके पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया।
पत्नी और बेटे के साथ मनाया खास रक्षाबंधन
इस मौके पर कलेक्टर की पत्नी भी उनके साथ मौजूद रहीं और पूरे कार्यक्रम में सहभागी बनीं। नन्ही बच्चियों के चेहरे की खुशी, महिलाओं का स्नेह और बस्ती के परिवारों का अपनापन इस रक्षाबंधन को खास बनाता नजर आया। स्वप्निल वानखेड़े ने इन पलों की तस्वीरें साझा करते हुए एक भावनात्मक संदेश भी लिखा। उन्होंने कहा कि त्योहारों की असली खूबसूरती केवल परंपराओं में नहीं, बल्कि उन रिश्तों और अपनत्व में होती है, जो लोगों को एक-दूसरे से जोड़ते हैं।
‘स्नेह के छोटे-छोटे धागों से बन जाते हैं रिश्ते’
कलेक्टर ने अपने सोशल मीडिया संदेश में लिखा कि बस्ती की बहनों और नन्ही बच्चियों ने उन्हें और उनके बेटे को प्यार से राखी बांधी। परिवार के साथ बिताए इन पलों ने रक्षाबंधन को उनके लिए और भी खास बना दिया।
उन्होंने अपने संदेश में रिश्तों की खूबसूरती का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ रिश्ते जन्म से मिलते हैं, जबकि कुछ रिश्ते स्नेह और अपनत्व के छोटे-छोटे धागों से बन जाते हैं।
सोशल मीडिया पर लोगों ने की जमकर तारीफ
तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों ने कलेक्टर के इस व्यवहार की सराहना की।
कई यूजर्स ने लिखा कि ऊंचे पद पर रहते हुए भी विनम्रता और संस्कारों को बनाए रखना एक बड़ी बात है। वहीं, बहनों के पैर छूकर आशीर्वाद लेने वाले दृश्य को लोगों ने सम्मान और आत्मीयता से जोड़कर देखा।
एक सोशल मीडिया यूजर ने प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि राखी बंधवाते हुए कई नेताओं और अधिकारियों को देखा है, लेकिन बहन के प्रति इस तरह सम्मान जताने वाला दृश्य बेहद खास है।
रक्षाबंधन पर दिखा मानवीय और आत्मीय पहलू
रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और सम्मान का पर्व है। दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े का यह कदम इसी भावना को एक अलग रूप में पेश करता नजर आया।
सरकारी जिम्मेदारियों और प्रशासनिक पद से अलग, परिवार के साथ बस्ती में पहुंचकर स्थानीय लोगों के बीच त्योहार मनाने और बहनों से आशीर्वाद लेने की तस्वीरों ने इस रक्षाबंधन को सोशल मीडिया पर खास बना दिया।












