Kankeshwar Dham Korba : कनकेश्वर धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, सावन के अंतिम सोमवार को दिखे शिव भक्तों के अनोखे रूप, देखें VIDEO

News Power Zone
4 Min Read
Kankeshwar Dham Korba

कोरबा, 24 अगस्त। Kankeshwar Dham Korba : सावन के अंतिम सोमवार के अवसर पर कोरबा के प्रसिद्ध कनकेश्वर धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए अर्धरात्रि से ही हजारों श्रद्धालु कनकी की ओर रवाना होने लगे। कोई कांवर लेकर पदयात्रा करता नजर आया तो कोई भक्ति में लीन होकर भोलेनाथ का जयकारा लगाते हुए मंदिर पहुंचा। इस दौरान रास्ते में सेवादारों और पुलिसकर्मियों की सेवा भावना भी लोगों के बीच चर्चा का विषय रही।

आधी रात से ही कांवर लेकर कनकी की ओर निकले शिव भक्त

श्रावण मास के अंतिम सोमवार को भगवान शिव के दर्शन के लिए श्रद्धालु अर्धरात्रि से ही कांवर लेकर घरों से निकलने लगे थे। सर्वमंगला से कनकी तक नहर के किनारे पदयात्रा करते हुए बड़ी संख्या में शिव भक्त आगे बढ़ते दिखाई दिए। श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा रास्ता भक्तिमय नजर आया।

कनकेश्वर धाम में रात से लगी श्रद्धालुओं की कतार

कनकेश्वर धाम में अर्धरात्रि के बाद से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई थी। दूर-दूर से पदयात्रा कर पहुंचे भक्तों ने कतारबद्ध होकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए और जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। भक्तों का कहना था कि कनकी तक की यह पदयात्रा उन्हें आत्मिक शांति और अलग तरह की आध्यात्मिक अनुभूति देती है।

सर्वमंगला नदी का बढ़ा जलस्तर, पुलिस रही अलर्ट

सर्वमंगला नदी का जलस्तर बढ़ा होने के कारण श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस भी लगातार सतर्क रही। सर्वमंगला चौकी की पुलिस टीम ने रास्ते में निगरानी बनाए रखी, ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो। पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सेवा में भी योगदान दिया।

रास्ते में चाय-पानी से लेकर सेवा तक, दिखी भक्ति की मिसाल

सर्वमंगला से कनकी तक पदयात्रा करने वाले शिव भक्तों के लिए अलग-अलग संस्थाओं और सेवा समितियों ने जगह-जगह चाय-पानी की व्यवस्था की थी। कहीं श्रद्धालुओं को पानी पिलाया गया तो कहीं चाय और अन्य सुविधाओं के जरिए उनकी सेवा की गई। आस्था के साथ सेवा का यह संगम पूरे यात्रा मार्ग पर देखने को मिला।

किसी ने कांवर उठाई तो कोई भक्ति में लीन दिखा

सर्वमंगला से कनकी तक सावन के अंतिम सोमवार पर शिव भक्तों के अलग-अलग रूप देखने को मिले। कोई कांवर लेकर पैदल चल रहा था, कोई भगवान शिव का जयकारा लगाते हुए आगे बढ़ रहा था तो कोई शांत भाव से पदयात्रा करता नजर आया। श्रद्धालुओं की इसी भक्ति और उत्साह ने पूरे मार्ग को शिवमय बना दिया।

आस्था और सेवा के संगम से भक्तिमय हुआ कनकी धाम

बहरहाल, सावन के अंतिम सोमवार पर कनकेश्वर धाम में आस्था और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से कनकी और आसपास का पूरा क्षेत्र धार्मिक उत्साह से सराबोर रहा। भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ और रास्ते में शिव भक्तों की सेवा करते लोग पूरे आयोजन को खास बना रहे थे।

Share This Article