कोरबा। Korba Politics कोरबा में विकास के नाम पर बड़े बजट और योजनाओं के बावजूद शहर की सड़कों की बदहाली अब राजनीतिक मुद्दा बन गई है। करीब 600 करोड़ रुपये के DMF बजट वाले जिले में सड़कों पर गड्ढे, कीचड़ और धूल का गुब्बार देखकर जिला कांग्रेस ने प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। जिला कांग्रेस कमेटी ने जर्जर सड़कों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश कुमार राठौर के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में सड़कों के तत्काल पुनर्निर्माण, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच और औद्योगिक परिवहन से प्रभावित सड़कों के लिए बालको प्रबंधन की वित्तीय सहभागिता सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
DMF के करोड़ों रुपये, फिर भी सड़कें बदहाल
कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब जिले में DMF के नाम पर करोड़ों रुपये का बजट उपलब्ध है, तो शहर की प्रमुख सड़कें आखिर इतनी बदहाल क्यों हैं? बारिश में सड़कें गड्ढों और जलभराव से जूझ रही हैं, जबकि कई हिस्सों में सड़क किनारे फैली मिट्टी और धूल लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।
कांग्रेस का आरोप है कि खराब सड़कों के कारण आम नागरिकों के साथ स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को रोजाना जोखिम उठाना पड़ रहा है।
पहली बारिश में सड़क खराब, निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल
आर.पी. नगर में एसईसीएल की परित्यक्त रेलवे लाइन के पास हाल ही में बनी सीसी सड़क पहली ही बारिश में कई जगह क्षतिग्रस्त हो गई। कांग्रेस ने इसे लेकर निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए स्वतंत्र तकनीकी जांच की मांग की है।
वहीं सुभाष चौक से आर.पी. नगर मार्ग पर नाली निर्माण के बाद सड़क किनारे छोड़ी गई मिट्टी के कारण कीचड़ और फिसलन की समस्या भी सामने रखी गई है।
5 किलोमीटर सड़क बनी तालाब, कई मार्गों पर गड्ढे
कांग्रेस के मुताबिक अगारखार चौक से बलगी तक करीब 5 किलोमीटर सड़क बारिश के बाद कई जगह तालाब में तब्दील हो गई है। साडा कॉलोनी की सड़कों की स्थिति भी बेहद खराब बताई गई है।
इसके अलावा सीतामणी–गौ माता चौक–बरबसपुर मार्ग, चेक पोस्ट–लालघाट–रिंग रोड, रिंग रोड–गायत्री मंदिर–बालको नगर बस स्टैंड और ध्यानचंद चौक–बजरंग चौक–रिसदा–झगरहा चौक समेत कई प्रमुख मार्गों के तत्काल सुधार की मांग की गई है।
जर्जर पुलों को लेकर भी कांग्रेस का अलर्ट
कांग्रेस ने बेलगिरी नाला और ढेंगुरनाला पुल की स्थिति पर भी चिंता जताई है। पार्टी ने दोनों पुलों का तकनीकी और संरचनात्मक ऑडिट कराने की मांग की है।
कांग्रेस का कहना है कि इन मार्गों से लगातार भारी औद्योगिक वाहनों की आवाजाही होती है, ऐसे में पुलों की सुरक्षा को लेकर किसी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है।
बालको से मांगी 30 करोड़ के बाद और सहभागिता
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश कुमार राठौर ने कहा कि ध्यानचंद चौक–बजरंग चौक–रिसदा–ढेंगुरनाला पुल मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में भारी वाहन चलते हैं। उनके अनुसार बजरंग चौक से रिसदा-ढेंगुरनाला पुल तक फोरलेन सड़क निर्माण के लिए बालको प्रबंधन द्वारा 30 करोड़ रुपये जिला प्रशासन के पास जमा किए गए हैं।
कांग्रेस ने मांग की है कि औद्योगिक परिवहन से प्रभावित अन्य सड़कों के पुनर्निर्माण और सुदृढ़ीकरण में भी बालको प्रबंधन की वित्तीय सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर को चिट्ठी, अब आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि सिर्फ ज्ञापन देने से मामला खत्म नहीं होगा। यदि प्रशासन और नगर निगम ने जर्जर सड़कों के सुधार के लिए जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो जिला कांग्रेस धरना, प्रदर्शन और निगम कार्यालय के घेराव जैसे आंदोलन करेगी।
अब सियासी सवाल यह है कि करोड़ों के DMF बजट के बावजूद सड़कों की बदहाली का जिम्मेदार कौन है? कांग्रेस के इस हल्ला बोल के बाद प्रशासन और नगर निगम की अगली कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।












