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Korba Breaking: खाता किराए पर देने का बड़ा क्रेज! फॉरेस्ट से मनरेगा और सट्टे तक म्यूल अकाउंट का खेल? जांच हुई तो नपेंगे ‘रेंजर उस्ताद’!

कोरबा। Korba Mule Account Cyber Crime कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता और मोबाइल नंबर दूसरों को इस्तेमाल करने के लिए देना अब भारी पड़ सकता है। कोरबा में साइबर पुलिस ने म्यूल अकाउंट के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो खाताधारकों पर वैधानिक कार्रवाई की है। पुलिस की जांच में सामने आया कि दोनों ने कमीशन के बदले अपने बैंक खातों को दूसरे लोगों के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराया था।

मामला सिर्फ साइबर ठगी तक सीमित नहीं है। जिले में कथित तौर पर ऐसे बैंक खातों के इस्तेमाल को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आती रही हैं। फॉरेस्ट, मनरेगा से जुड़े लेनदेन से लेकर सट्टे जैसे अवैध कारोबार तक यदि किसी के खाते का इस्तेमाल हो रहा है, तो जांच की आंच खाताधारक तक पहुंच सकती है। हालांकि इन गतिविधियों में इन दोनों आरोपियों की संलिप्तता पुलिस की ओर से नहीं बताई गई है।

पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में साइबर थाना कोरबा द्वारा गृह मंत्रालय के निर्देशों के तहत संदिग्ध बैंक खातों की जांच की जा रही है। इसी क्रम में अलग-अलग बैंकों से जुड़े दो खातों को लेकर अपराध दर्ज किया गया और धारा 317(2), 318(4) बीएनएस के तहत विवेचना शुरू की गई।

जांच के दौरान पुलिस ने महेंद्र कुमार धीवर, निवासी मानस नगर और के. प्रभाकर राव, निवासी कृष्ण नगर को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने कथित तौर पर बताया कि लाभ कमाने के उद्देश्य से उन्होंने अपने बैंक खाते दूसरे व्यक्तियों को कमीशन के बदले इस्तेमाल करने के लिए दिए थे।

बाद में जब बैंक खाते होल्ड हुए, तब उन्हें पता चला कि उनके खातों का इस्तेमाल साइबर अपराध में किया गया है। उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। मामले की विवेचना अभी जारी है।

आखिर क्या होता है म्यूल अकाउंट?

साइबर अपराधी अक्सर आसान कमाई या कमीशन का लालच देकर लोगों के नाम से बैंक खाते खुलवाते हैं अथवा पहले से संचालित खातों को इस्तेमाल के लिए लेते हैं। साइबर ठगी से हासिल रकम ऐसे खातों में पहुंचाई जाती है और फिर अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दी जाती है। ऐसे बैंक खातों को म्यूल अकाउंट कहा जाता है।

पुलिस का साफ संदेश है कि अपना बैंक खाता, एटीएम, मोबाइल नंबर या बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए देना जोखिम भरा है। यदि उस खाते से कोई अपराध होता है तो खाताधारक भी जांच और कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है।

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