Shivay Hospital : सविता की मौत पर शिवाय हॉस्पिटल का पूरा पक्ष आया सामने…! बोले- ‘इलाज रुका नहीं, कोशिश थमी नहीं’
अब मेडिकल रिकॉर्ड बताएगा असली वजह
कोरबा, 10 अगस्त। Shivay Hospital : 62 वर्षीय सविता जायसवाल की मौत के बाद शिवाय हॉस्पिटल की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों के बीच अस्पताल प्रबंधन ने अपना पक्ष सामने रखा है। परिजनों ने इलाज में लापरवाही समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि मरीज की हालत अस्पताल पहुंचने के समय ही बेहद गंभीर थी और उसे बचाने के लिए ICU से लेकर वेंटिलेटर तक हरसंभव उपचार किया गया।
ICU में भर्ती होते ही शुरू किया गया उपचार
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, सविता जायसवाल को सांस लेने में गंभीर परेशानी थी। अस्पताल पहुंचने के समय उनका ऑक्सीजन लेवल और ब्लड प्रेशर काफी कम था। गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल ICU में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। प्रबंधन का दावा है कि शुरुआत में मरीज को NIV सपोर्ट दिया गया। हालत में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया और एडवांस लाइफ सपोर्ट शुरू किया गया।
अस्पताल के अनुसार मेडिकल टीम लगातार मरीज की निगरानी कर रही थी और स्थिति बिगड़ने पर आवश्यक चिकित्सकीय कदम उठाए गए।
‘कोरे कागज’ पर हस्ताक्षर के आरोप पर अस्पताल की सफाई
परिजनों की ओर से कथित तौर पर कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराने का आरोप लगाया गया था। अस्पताल प्रबंधन ने इस आरोप को पूरी तरह खारिज किया है। प्रबंधन का कहना है कि गंभीर मरीज के इलाज से पहले परिजनों को मरीज की बीमारी, प्रस्तावित उपचार और संभावित जोखिमों के बारे में जानकारी दी जाती है। इसके बाद नियमानुसार Informed Consent लिया जाता है। हालांकि, वास्तविकता क्या थी, यह संबंधित दस्तावेजों और मेडिकल रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
बिना लाइसेंस और सुविधाओं की कमी के आरोप भी नकारे
अस्पताल प्रबंधन ने बिना लाइसेंस संचालन, योग्य डॉक्टरों की कमी और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के आरोपों को भी बेबुनियाद बताया है। प्रबंधन के मुताबिक अस्पताल में आवश्यक अनुमतियां, प्रशिक्षित स्टाफ, विशेषज्ञ डॉक्टर और जरूरी चिकित्सा उपकरण उपलब्ध हैं।
अस्पताल बोला- मरीज को बचाने की हर संभव कोशिश की
सविता जायसवाल की मौत पर अस्पताल प्रबंधन ने दुख जताया है। प्रबंधन का कहना है कि किसी परिवार के लिए अपने किसी करीबी को खोना बेहद पीड़ादायक होता है, लेकिन मरीज की स्थिति अस्पताल पहुंचने के समय ही अत्यंत गंभीर थी। अस्पताल का दावा है कि ICU से वेंटिलेटर और एडवांस लाइफ सपोर्ट तक मरीज को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
अब मेडिकल रिकॉर्ड बताएगा असली वजह
इस मामले में फिलहाल दो अलग-अलग पक्ष सामने हैं। एक ओर परिजनों ने इलाज में लापरवाही सहित गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए अपनी सफाई दी है।
ऐसे में सविता जायसवाल की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या था और उपचार के दौरान किसी स्तर पर कोई चूक हुई या नहीं, इसका निष्पक्ष आकलन मेडिकल रिकॉर्ड, उपचार संबंधी दस्तावेज, विशेषज्ञों की राय और सक्षम प्राधिकारी की जांच से ही संभव होगा। फिलहाल इस मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।





