Chhattisgarh Congress : चुनाव से पहले PCC का बड़ा फरमान…! अब बिना सूचना नहीं होगा धरना-प्रदर्शन…टिकट दावेदारों की बढ़ी टेंशन
गुटबाजी रोकने की कोशिश
रायपुर, 30 जुलाई। Chhattisgarh Congress : विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) ने संगठनात्मक अनुशासन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब पार्टी के नेता, पदाधिकारी और संभावित टिकट दावेदार स्थानीय जिला कांग्रेस कमेटी और PCC को पूर्व सूचना दिए बिना कोई धरना-प्रदर्शन, आंदोलन, जनसंपर्क अभियान या राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं कर सकेंगे। कांग्रेस का कहना है कि यह रोक नहीं, बल्कि चुनाव से पहले संगठन को एकजुट और समन्वित रखने की रणनीति है।
क्या बदलेगा नए आदेश से?
नए दिशा-निर्देशों के तहत किसी भी राजनीतिक गतिविधि से पहले संबंधित जिला कांग्रेस कमेटी को जानकारी देना और स्थानीय संगठन के साथ समन्वय करना जरूरी होगा। इसका उद्देश्य अलग-अलग नेताओं द्वारा समानांतर कार्यक्रमों से पैदा होने वाले भ्रम और गुटबाजी को रोकना बताया जा रहा है।
क्यों लेना पड़ा यह फैसला?
सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर समेत कई जिलों में कुछ नेताओं और संभावित टिकट दावेदारों ने स्थानीय संगठन को विश्वास में लिए बिना कार्यक्रम आयोजित किए। इसकी शिकायतें प्रदेश नेतृत्व तक लगातार पहुंच रही थीं। इसी के बाद PCC ने संगठनात्मक अनुशासन को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया।
टिकट दावेदारों की बढ़ी चिंता
नए निर्देशों के बाद टिकट की तैयारी कर रहे नेताओं में भी हलचल है। उनका कहना है कि स्थानीय मुद्दों पर कई बार तुरंत विरोध-प्रदर्शन करना पड़ता है। ऐसे में पहले संगठन को सूचना देने और समन्वय की प्रक्रिया पूरी करने से राजनीतिक प्रतिक्रिया में देरी हो सकती है। पार्टी के भीतर यह चर्चा भी तेज है कि निर्देशों की अनदेखी भविष्य में टिकट वितरण के दौरान नुकसान पहुंचा सकती है।
गुटबाजी रोकने की कोशिश
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस चुनाव से पहले किसी भी तरह के शक्ति प्रदर्शन और गुटीय राजनीति से बचना चाहती है। यही कारण है कि अब हर कार्यक्रम को संगठन के साथ समन्वय में करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि चुनावी मैदान में पार्टी एकजुट नजर आए।







