
कोरबा/रांची। Korba Jai Soni FIR कारगिल युद्ध में शामिल रहे पूर्व सैनिक प्रेमचंद पाण्डेय से टोल प्लाजा में साझेदारी दिलाने के नाम पर ₹34.40 लाख की कथित ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। झारखंड के नगड़ी थाना पुलिस ने कोरबा के सराफा व्यवसायी जय कुमार सोनी, उसके साले जतिन रामवानी, टोल मैनेजर लवकुश यादव सहित अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने NHAI के टोल प्लाजा का टेंडर मिलने का दावा करते हुए पूर्व सैनिक को साझेदार बनाने का भरोसा दिलाया। रांची ले जाकर टोल प्लाजा दिखाया गया, दस्तावेज और स्क्रीनशॉट दिखाकर निवेश के लिए प्रेरित किया गया। इसके बाद बैंक ट्रांजेक्शन और नकद के माध्यम से कुल ₹34.40 लाख ले लिए गए। बाद में 100 रुपये के स्टांप पर अनुबंध भी कराया गया और शिकायतकर्ता के कर्मचारियों से टोल संचालन शुरू कराया गया।
पूर्व सैनिक का आरोप है कि जब टोल की आय बढ़ने लगी तो उनके कर्मचारियों को धमकाकर भगा दिया गया, उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप से हटा दिया गया और टोल पर कब्जा कर लिया गया।
मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू तब सामने आया जब शिकायतकर्ता NHAI कार्यालय पहुंचे। वहां उन्हें बताया गया कि NHAI के नियमों में टोल प्लाजा को पार्टनरशिप या सबलेट पर देने का कोई प्रावधान ही नहीं है। इसके बाद उन्हें कथित ठगी का एहसास हुआ।
शिकायत में यह भी आरोप है कि 7 जुलाई 2026 को रुपये वापस मांगने पर आरोपियों ने मारपीट की, एक दांत तोड़ दिया, सोने की चेन और चांदी का ब्रेसलेट छीन लिया तथा पिस्टल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी।
पूर्व सैनिक ने पुलिस से राशि की बरामदगी, छीने गए आभूषण वापस दिलाने और परिवार की सुरक्षा की मांग की है। नगड़ी थाना पुलिस ने कांड क्रमांक 126/2026 दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।






