
ड्रिल के दौरान हसदेव, हसदेव-बांगो, जमनीपाली और कोरबा पूर्व क्षेत्र को अलग कर नियंत्रित तरीके से पूर्ण ब्लैकआउट की स्थिति बनाई गई। इसके बाद बांगो जल विद्युत गृह के डीजल जनरेटर की मदद से यूनिट-1 को शुरू किया गया और चरणबद्ध तरीके से कोरबा पूर्व एवं कोरबा पश्चिम तक स्टार्ट-अप बिजली आपूर्ति बहाल की गई।
पूरी प्रक्रिया की निगरानी ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर से की। अभ्यास में ट्रांसमिशन, जनरेशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के इंजीनियरों एवं तकनीकी विशेषज्ञों ने संयुक्त रूप से भाग लिया।
बांगो जल विद्युत संयंत्र प्रदेश का एकमात्र ब्लैक स्टार्ट सक्षम हाइड्रो पावर प्लांट है, जिसकी स्थापित क्षमता 3×40 मेगावाट है। किसी बड़े ग्रिड फेलियर या पूर्ण ब्लैकआउट की स्थिति में यही संयंत्र अन्य बिजलीघरों को दोबारा चालू करने के लिए आवश्यक स्टार्ट-अप पावर उपलब्ध कराता है।












