कोरबा

Illegal Timber Smuggling : कोरबा से रायपुर तक फैला लकड़ी तस्करी का नेटवर्क बेनकाब…! 20 घनमीटर साल लकड़ी जब्त…करोड़ों की अवैध साल लकड़ी बरामद

मुख्य आरोपी जेल भेजा गया


कोरबा, 21 जुलाई। Illegal Timber Smuggling : छत्तीसगढ़ के कोरबा वन मंडल ने अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर-जिला स्तर पर संचालित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में करीब 20 घनमीटर अवैध साल लकड़ी बरामद की गई है। मामले में मुख्य आरोपी सुनील कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।

मुखबिर की सूचना से खुला पूरा नेटवर्क

वन विभाग को सूचना मिली थी कि कोरबा से अवैध रूप से साल लकड़ी का परिवहन कर रायपुर जिले के अभनपुर स्थित एक आरा मिल में बेचा गया है। जांच के दौरान आरोपी ने पहले अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ में उसने लकड़ी बेचने की बात स्वीकार कर ली।

5 वन परिक्षेत्र अधिकारियों की टीम ने मारा छापा

आरोपी की निशानदेही पर कोरबा वन मंडल ने पांच वन परिक्षेत्र अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर अभनपुर स्थित आरा मिल में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 20 घनमीटर चोरी की गई साल लकड़ी बरामद की गई। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी और दस्तावेजीकरण भी किया गया।

आरा मिल सील, ट्रैक्टर और क्रेन भी जब्त

रायपुर वन मंडल की टीम ने आरा मिल में बड़ी मात्रा में संदिग्ध वनोपज मिलने पर उसे सील कर दिया। साथ ही लकड़ी परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे ट्रैक्टर, क्रेन और अन्य वाहनों को भी जब्त कर लिया गया। जब्त लकड़ी को सुरक्षित रूप से कोरबा के कसनिया डिपो में जमा कराया गया।

वन विभाग और पुलिस के समन्वय से मिली सफलता

यह पूरी कार्रवाई वनमंडलाधिकारी श्रीमती प्रेमलता यादव के निर्देशन में की गई। अभियान के दौरान रायपुर वनमंडलाधिकारी लोकनाथ पटेल और कोरबा पुलिस के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा गया, जिसके चलते कार्रवाई सफल रही।

BNS की धाराओं में केस दर्ज

आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) और 316(5) के तहत शासकीय संपत्ति की चोरी और अवैध परिवहन का मामला दर्ज किया गया है। न्यायालय में पेशी के बाद आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

वन विभाग का सख्त संदेश

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश की वन संपदा की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अवैध कटाई, परिवहन व तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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