Breaking : वेदांता समूह के चेयरमैन समेत दो IAS अधिकारियों पर अवमानना याचिका, हाईकोर्ट पहुंचा भू-विस्थापितों का मामला

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सक्ती। Vedanta Contempt Petition Chhattisgarhसक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट से जुड़े भू-विस्थापितों ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायालय की अवमानना याचिका दायर की है। याचिका में वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल सहित चार पक्षों को प्रतिवादी बनाया गया है।

 

याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना नीति के तहत पात्र भू-विस्थापित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा, भत्ता और अन्य लाभ उपलब्ध नहीं कराए गए। उनका कहना है कि वर्षों बीत जाने के बाद भी वे अपने अधिकारों से वंचित हैं।

 

याचिका में वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के अलावा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन सचिव, सक्ती कलेक्टर तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को भी पक्षकार बनाया गया है।

 

2022 में वेदांता ने किया था अधिग्रहण

 

जानकारी के अनुसार, संबंधित पावर प्लांट का संचालन वर्ष 2013 में शुरू हुआ था, लेकिन वित्तीय संकट के कारण 2016 में बंद हो गया। वर्ष 2022 में वेदांता समूह ने प्लांट का अधिग्रहण किया और 2025 में इसका संचालन दोबारा शुरू किया। भू-विस्थापितों का आरोप है कि प्लांट दोबारा चालू होने के बाद भी 400 से अधिक प्रभावित परिवारों को रोजगार और नियमानुसार लाभ नहीं मिले।

 

प्रशासन ने क्या कहा?

 

सक्ती कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के अनुसार, हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने प्लांट प्रबंधन को पात्र भू-विस्थापितों को नियमानुसार भुगतान और लाभ देने के संबंध में पत्र जारी किया है। प्रशासन का कहना है कि मामले के समाधान के लिए प्रयास जारी हैं और अब इस प्रकरण की सुनवाई हाईकोर्ट में होगी। याचिका में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्ष न्यायालय में अपना जवाब प्रस्तुत करेंगे।

 

 

 

 

 

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