
रायपुर।CG Education Department Transfer News नए शिक्षण सत्र की दस्तक के साथ ही शिक्षा विभाग में फिर हलचल तेज है। दफ्तरों के गलियारों में फाइलों से ज्यादा चर्चा “नारियल” की है। खबरीलाल बताते हैं कि करीब 800 शिक्षकों की सूची तैयार है, पर असली मेरिट लिस्ट अब योग्यता नहीं, “श्रद्धा” से तय होगी।
CG Education Department Transfer: कहते हैं, इस बार ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी तरह “आध्यात्मिक” होने वाली है। जिन गुरुओं ने समय रहते “नारियल चढ़ाया”, उनके लिए पसंदीदा स्कूल, शहर और कुर्सी पहले से आरक्षित मानी जा रही है। बाकी शिक्षक अब भी पुराने जमाने की गलती कर रहे हैं, वे पढ़ाई-लिखाई, परिणाम और अनुभव जैसी गैरजरूरी चीजों में उलझे हैं। सूत्रों की मानें तो विभाग में नई अनौपचारिक गाइडलाइन भी चर्चा में है “मेहनत कम, नारियल दमदार तो पोस्टिंग शानदार।”दिलचस्प यह है कि शिक्षा सुधार की बैठकों में गुणवत्ता, परिणाम और बच्चों का भविष्य चर्चा का विषय जरूर बनते हैं, लेकिन ट्रांसफर के वक्त तराजू कुछ और ही वजन तौलता नजर आता है।जिन स्कूलों में सालों से शिक्षक नहीं पहुंचे, वहां अब उम्मीद जगी है कि शायद “श्रद्धालु सूची” के बाद कुछ सीटें खाली रह जाएं और किसी ईमानदार शिक्षक की लॉटरी लग जाए। हालांकि ऐसी उम्मीदें अक्सर फाइलों के बीच ही दम तोड़ देती हैं।
अब देखना यह है कि विभाग इस बार “शिक्षा का स्तर” ऊपर उठाता है या “नारियल का स्तर” ही मानक बना रहता है। फिलहाल गलियारों में एक ही लाइन गूंज रही है“गुरु वही सफल, जिसका नारियल सफल।”



