CG High Court : सहमति से बने संबंध रेप नहीं…! हाईकोर्ट का बड़ा फैसला…आरोपी दोषमुक्त

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बिलासपुर, 29 मार्च। CG High Court : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रेप के एक मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि बालिग और शादीशुदा महिला की मर्जी व सहमति से बनाए गए शारीरिक संबंध रेप की श्रेणी में नहीं आते। कोर्ट ने 4 साल से चल रहे इस मामले में आरोपी को दोषमुक्त कर दिया है।

क्या है मामला?

मामला साल 2022 का है, जिसमें बेमेतरा जिले की एक शादीशुदा महिला ने गांव के ही एक व्यक्ति पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया था। दोनों के बीच पहले से बातचीत होती थी और एक ही जगह मजदूरी के दौरान संपर्क बढ़ा। महिला ने शिकायत में बताया था कि आरोपी ने शादी का भरोसा दिलाकर उसे अपने घर ले जाकर संबंध बनाए। उस समय वह तीन महीने की गर्भवती भी थी।

ट्रायल कोर्ट ने पहले ही किया था बरी

मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर अदालत में चालान पेश किया था, लेकिन ट्रायल कोर्ट ने गवाहों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को बरी कर दिया था। इसी फैसले के खिलाफ पीड़िता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी

सुनवाई के दौरान छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पाया कि, आरोपी द्वारा धमकी देकर सहमति लेने का कोई प्रमाण नहीं है। पीड़िता को यह भ्रम नहीं था कि वह आरोपी की कानूनी पत्नी है। पीड़िता अपनी मर्जी से संबंध बनाने की स्थिति में थी। मानसिक या नशे की स्थिति का भी कोई सबूत नहीं मिला। इन तथ्यों के आधार पर कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह संबंध आपसी सहमति (CG High Court) से बने थे, इसलिए इसे दुष्कर्म नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराया और आरोपी को पूरी तरह दोषमुक्त कर दिया।
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