इजरायल ने ईरान में ऐसी कौनसी Missile दाग दी? जिससे टेंशन में आया पाकिस्तान, पर्दे के पीछे IAF का ‘सीक्रेट’ गेम ऑन; आ रही है ALBM

India-Israel ALBM Deal: इजरायल और ईरान के बीच जंग जारी है. इसी बीच, दुनिया ने एक ऐसी जंगी टेक्नोलॉजी देखी, जिसके बारे में पहले कभी सोचा भी नहीं गया था. दरअसल, इजरायल ने ‘एयर-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइलों’ (ALBM) से ईरान के ठिकानों पर जिस तरह से सटीक हमला किया, उसने न केवल दुनिया का ध्यान खींचा, बल्कि भारतीय रक्षा विशेषज्ञों की भी इस पर नजर गई. सबसे दिलचस्प बात है कि हम जिस मिसाइल की बात कर रहे हैं, इजरायल ने जंग शुरू होने से पहले ही भारत को ऑफर कर चुका है.
क्या खास है इन मिसाइलों में?
इजरायली मिसाइलों ने हाल के युद्धों में जो प्रदर्शन किया है, उसने इन्हें दुनिया की सबसे भरोसेमंद मिसाइलों की कतार में खड़ा कर दिया है. भारत हमेशा से ही ऐसी तकनीकों को प्राथमिकता देता है जिनका युद्ध के मैदान में सफल रिकॉर्ड रहा हो. इन मिसाइलों की खासियत यह है कि इन्हें फाइटर जेट से लॉन्च किया जाता है, जिसके बाद ये अंतरिक्ष की ओर बढ़ती हैं और फिर एक तेज रफ्तार बैलिस्टिक रास्ते पर चलते हुए सीधे टारगेट को तबाह कर देती हैं.
पाकिस्तान के लिए कैसे बढ़ेगी मुश्किल?
अगर भारतीय वायुसेना इन इजरायली मिसाइलों को अपनाती है, तो पाकिस्तान एयरफोर्स (PAF) के लिए मुश्किल काफी बढ़ जाएगी. पिछले साल मई में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत ने ब्रह्मोस और स्कैल्प जैसी क्रूज मिसाइलों से पाकिस्तान के 11 एयरबेस पर हमला कर उनकी कमर तोड़ दी थी.
लेकिन क्रूज मिसाइलें रडार की पकड़ में आ सकती हैं. इसके उलट, ये नई बैलिस्टिक मिसाइलें इतनी रफ्तार और खतरनाक कोण से नीचे आती हैं कि इन्हें रोकना लगभग नामुमकिन हो जाता है.
भारत को गोल्डन होराइजन का मिला ऑफर
भारत को ऑफर की गई मिसाइलों में सबसे प्रमुख नाम ‘गोल्डन होराइजन’ है. यह इजरायल की मशहूर ‘स्पैरो’ मिसाइल फैमिली का एडवांस वर्जन है. इसकी मारक क्षमता 800 से 2,000 किलोमीटर के बीच बताई जा रही है. इसका मतलब है कि भारतीय फाइटर जेट बिना दुश्मन की सीमा में घुसे, उसके काफी अंदर मौजूद रणनीतिक ठिकानों को तबाह कर सकते हैं.
पाकिस्तान के लिए यह एक बड़ा सिरदर्द है. उनके जो एयरबेस अब तक क्रूज मिसाइलों की पहुंच से सुरक्षित माने जाते थे, वे अब इन हाई-वेलोसिटी मिसाइलों के सीधे निशाने पर होंगे. इनकी रफ्तार इतनी ज्यादा होती है कि दुश्मन को संभलने या जवाबी कार्रवाई करने का समय ही नहीं मिलता.
ब्लू स्पैरो मिसाइल में भी दिलचस्पी
इजरायल की ‘ब्लू स्पैरो’ मिसाइल की कहानी भी काफी रोचक है. इसे शुरू में ईरान की ‘शहाब’ मिसाइलों की नकल करने के लिए बनाया गया था ताकि इजरायल अपने डिफेंस सिस्टम का टेस्ट कर सके. लेकिन इजरायल ने अपनी चतुराई से इसे एक हमले करने वाले हथियार में बदल दिया.
इराक में 2024 और 2026 में हुए हमलों के बाद मिले इसके अवशेषों से यह साबित हो गया है कि अब इसका इस्तेमाल केवल टेस्ट के लिए नहीं, बल्कि दुश्मन को खत्म करने के लिए भी किया जा रहा है.
भारत के पास पहले से मौजूद है ‘ROCKS’ का पावर
भारतीय वायुसेना पहले से ही इजरायल की ROCKS मिसाइल का इस्तेमाल कर रही है. यह एक ऐसी मिसाइल है जो जमीन के काफी नीचे बने बंकरों को फाड़ने में माहिर है. यह जीपीएस और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल गाइडिंग सिस्टम से लैस है, जो इसे पिन-पॉइंट एक्यूरेसी देती है.
खबरें यह भी हैं कि भारत अब अपने निजी रक्षा क्षेत्र के साथ मिलकर इन मिसाइलों का उत्पादन भारत में ही करने की योजना बना रहा है. अगर ‘गोल्डन होराइजन’ और ‘ROCKS’ जैसी मिसाइलें भारत में बनने लगती हैं, तो भारत की मारक क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी.



