रायपुर, 14 फरवरी। Assembly Budget Session : 23 फरवरी से शुरू होने वाला छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र राजनीतिक उथल-पुथल का सामना कर सकता है। इस सत्र में सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायकों ने 1034 से ज्यादा सवाल लगाए हैं। इनमें से अधिकांश सवाल ऑनलाइन दिए गए हैं। कांग्रेस विधायकों ने सत्र के दौरान धान खरीदी, कानून व्यवस्था और राज्य सरकार की नई योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है।
अब इन सवालों को संबंधित विभागों को जवाब देने के लिए भेजा जा चुका है। बजट सत्र का मुख्य आकर्षण 27 फरवरी को होने वाला नया वित्तीय वर्ष का बजट पेश किया जा सकता है। इस बार का बजट राज्य की आर्थिक दिशा में अहम साबित हो सकता है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होने वाला है, और इस सत्र में सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायकों ने 1034 से ज्यादा सवाल उठाए हैं। इस बार के सवालों में विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया गया है, जिनमें से प्रमुख सवालों की चर्चा की जा रही है।
कांग्रेस के सवाल
धान खरीदी नीति : कांग्रेस पार्टी ने राज्य में धान खरीदी के मुद्दे को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकार से यह पूछा कि क्या धान खरीदने के लिए किसानों को उचित मूल्य मिल रहा है और क्या सरकार के पास इस बार के धान की खरीद को लेकर कोई खास योजना है।
सत्तापक्ष के सवाल
विकास कार्यों की समीक्षा : सत्तापक्ष ने राज्य सरकार के विकास कार्यों पर सवाल उठाए, जिसमें खासकर इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई।
कृषि और सिंचाई योजनाएं : सत्तापक्ष ने राज्य में किसानों के लिए घोषित विभिन्न योजनाओं पर सवाल उठाए और उनके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जानकारी मांगी।
राजस्व और वित्तीय योजनाएं : आगामी बजट में सरकार द्वारा किए गए वित्तीय उपायों और योजनाओं पर भी सवाल उठाए गए।
विपक्ष द्वारा उठाए गए सवाल
विपक्ष के विधायकों ने लगभग 850 सवाल उठाए हैं। इन सवालों में प्रमुख रूप से धान खरीदी, कानून व्यवस्था, नई योजनाओं के क्रियान्वयन, और राज्य की आर्थिक स्थिति पर सवाल शामिल हैं। कांग्रेस पार्टी ने इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी की है।
सत्तापक्ष द्वारा उठाए गए सवाल
सत्तापक्ष के विधायकों ने लगभग 184 सवाल उठाए हैं। सत्तापक्ष के सवाल मुख्य रूप से सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों, कृषि क्षेत्र, सिंचाई योजनाओं और वित्तीय नीतियों से संबंधित थे।
ऑनलाइन सवालों की संख्या
इस बार सबसे अधिक सवाल ऑनलाइन माध्यम से लगाए गए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि विधायकों में तकनीकी रूप से अधिक जागरूकता बढ़ी है और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह एक प्रभावी कदम है।
सवालों का उद्देश्य
विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों ही सवालों के माध्यम से सरकार की नीतियों, योजनाओं और उनके क्रियान्वयन पर निगरानी रखना चाहते हैं। इन सवालों के जवाब मिलने के बाद यह तय होगा कि आगामी बजट सत्र में सरकार को किस हद तक घेरा जा सकता है और किस मुद्दे पर ज्यादा हंगामा हो सकता है।
सत्र की शुरुआत
23 फरवरी से शुरू होने वाला यह सत्र राज्य (CG Assembly Budget Session) के आगामी बजट को लेकर अहम रहेगा, और इस दौरान इन सवालों का जवाब देना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है। विधानसभा सत्र में इस बार 1034 से ज्यादा सवालों के उठने से यह सत्र काफी हंगामेदार और रोचक होने की संभावना है।