
CG News: अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में शुक्रवार को को जल, जंगल और जमीन की रक्षा को लेकर बड़ा जनआंदोलन देखने को मिला। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से हजारों की संख्या में महिलाएं, पुरुष और सामाजिक कार्यकर्ता बीटीआई ग्राउंड में आयोजित सभा में शामिल हुए।
CG News: सभा के बाद प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए तख्तियों के साथ रैली निकाली, जो अंबेडकर चौक और गांधी चौक होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। जहां पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को परिसर में प्रवेश से रोक दिया। इसके बाद लोग सड़क पर बैठकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते रहे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
CG News: सभा में सामाजिक कार्यकर्ता आलोक शुक्ला, अनुसूचित जनजाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह सहित प्रदेश के कई जिलों से आए सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान प्रभावित ग्रामीणों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि खदानों के कारण उनकी जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हो गई है। खेती की जमीन खत्म हो रही है, जंगल उजड़ चुके हैं और प्रदूषण तेजी से बढ़ा है। रोजगार देने के दावे किए गए, लेकिन स्थानीय लोगों को काम नहीं मिला और बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी गई।
CG News: बलरामपुर जिले से पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांवों में खदान खोलने के लिए सर्वे का काम चल रहा है, जिससे उनकी कृषि भूमि समाप्त होने की आशंका है। वहीं हसदेव क्षेत्र से आए हजारों ग्रामीणों ने अडानी की कोयला खदानों से पर्यावरण को हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाया। ग्रामीणों का कहना था कि रामगढ़ पहाड़ टूट रहा है और पूरे क्षेत्र का पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित हो रहा है।
CG News: प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनके अभियान को गंभीरता से नहीं लिया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र किया जाएगा। आंदोलन के संयोजक आलोक शुक्ला ने कहा कि एक महीने के भीतर यदि सरकार ने मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए तो अंबिकापुर से लंबा आंदोलन शुरू किया जाएगा, जो मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा।




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