गरियाबंद, 15 जनवरी। Dirty Dance Case : देवभोग थाना क्षेत्र के उरमाल गांव में आयोजित छह दिवसीय ओपेरा में हुए अश्लील डांस मामले की प्रशासनिक जांच पूरी हो गई है। जांच अधिकारी एवं अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे ने अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी है। कलेक्टर की फाइनल टिप्पणी के बाद यह रिपोर्ट अग्रिम कार्रवाई के लिए कमिश्नर को भेजी जाएगी। इसकी पुष्टि स्वयं जांच अधिकारी ने की है।
अनुमति देने में नियमों की अनदेखी
जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि आयोजन की अनुमति देते समय निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। जांच के दौरान आयोजन की अनुमति प्रक्रिया, आवेदन की सत्यता और आयोजन के दौरान एसडीएम की उपस्थिति के उद्देश्य की गहन जांच की गई।
आवेदनकर्ता को ही नहीं थी जानकारी
जांच में सामने आया कि 29 दिसंबर को एसडीएम द्वारा आवेदन लेकर उसी दिन आयोजन की अनुमति दे दी गई। जिस नरेंद्र साहू को अध्यक्ष बताकर आवेदक बनाया गया था, उसे आवेदन के संबंध में कोई जानकारी ही नहीं थी। यह तथ्य आयोजनों की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
प्रतिवेदन और सहमति नहीं ली गई
जांच में यह भी उजागर हुआ कि अनुमति देने से पहले न तो पुलिस और न ही तहसीलदार से प्रतिवेदन लिया गया। साथ ही आयोजन स्थल के भूमि स्वामी की सहमति भी प्राप्त नहीं की गई। प्रतिवेदन मंगाने और शामिल करने की प्रक्रिया केवल कागजी रूप में दर्शाई गई।
आयोजनों में एसडीएम की मौजूदगी की पुष्टि
बयानों के आधार पर यह भी पुष्टि हुई है कि एसडीएम न केवल आयोजनों में मौजूद थे, बल्कि आयोजन का आनंद लेते भी नजर आए। 9 जनवरी को आयोजित कार्यक्रम में एसडीएम के थिरकते हुए वीडियो सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया था।
15वीं गिरफ्तारी, डांसर को मुचलके पर छोड़ा गया
मामले में 8 जनवरी को प्रस्तुति देने वाली डांसर सुचित्रा जेना को गिरफ्तार कर निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया है। थाना प्रभारी फैजुल शाह के अनुसार, गिरफ्तारी ओडिशा के जाजपुर जिले के धर्मशाला थाना क्षेत्र से की गई।
आयोजकों पर पहले ही हो चुकी है कार्रवाई
देवभोग पुलिस ने आयोजकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296 और 3–5 के तहत अपराध दर्ज कर पहले ही 14 आयोजकों को गिरफ्तार कर लिया है। 9 जनवरी के कार्यक्रम में शामिल डांसर निशा महाराणा की तलाश जारी है। निशा ने कार्यक्रम से पहले वीडियो जारी कर लोगों से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की थी।
प्रशासनिक जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद अब निगाहें कमिश्नर स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि लापरवाही और नियम उल्लंघन के दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाएगी।