Paddy Procurement : टोकन नहीं…उठाव नहीं…खरीदी लिमिट बनी रोड़ा…! धान खरीदी में किसान सबसे ज्यादा परेशान…यहां सुनिए क्या कह रहे है किसान Video
आकांक्षी जिला कोरबा में धान खरीदी पिछड़ रही है
कोरबा, 27 दिसंबर। Paddy Procurement : धान खरीदी को लेकर सरकार के दावों के बीच आकांक्षी जिला कोरबा में व्यवस्था चरमराती नजर आ रही है। समितियों में प्रतिदिन धान खरीदी की लिमिट घटाए जाने से जहां किसान टोकन के लिए भटक रहे हैं, वहीं दूसरी ओर खरीदे गए धान का समय पर उठाव न होने से 9 उपार्जन केंद्रों में लिमिट से अधिक धान जाम हो गया है।
लक्ष्य से पिछड़ रहा कोरबा जिला
जिले को 31 लाख 19 हजार क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य मिला है, लेकिन 26 दिसंबर तक महज 8 लाख 78 हजार 145 क्विंटल धान की ही खरीदी हो सकी है। लक्ष्य पूरा करने के लिए शेष 24 कार्यदिवसों में प्रतिदिन करीब 93 हजार क्विंटल धान खरीदी की आवश्यकता होगी, जो मौजूदा हालात में मुश्किल नजर आ रही है।
लिमिट कम, टोकन नहीं कट पा रहे
समिति स्तर पर धान खरीदी की लिमिट कम होने से 2 से 10 एकड़ के सीमांत और 10 एकड़ से अधिक रकबा वाले दीर्घ किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। फरसवानी, सोहागपुर, कराईनारा, पठियापाली, चिकनीपाली, तुमान और तिलकेजा जैसे उपार्जन केंद्रों में किसान टोकन न कटने से निराश लौटते दिखे। किसानों ने लिमिट बढ़ाने की मांग की है।
9 केंद्रों में बफर से ज्यादा धान
मार्कफेड द्वारा धान उठाव की धीमी प्रक्रिया के चलते 2 लाख 94 हजार 875 क्विंटल धान अब भी उपार्जन केंद्रों में पड़ा हुआ है। इनमें अखरापाली, उतरदा, कोरबी (पाली), कोरबी (पोंडी-उपरोड़ा), नवापारा, बरपाली (कोरबा), रामपुर, श्यांग और सिरमिना शामिल हैं। बरपाली (कोरबा) में 13,558 क्विंटल और हाथी प्रभावित केंद्र श्यांग में 86 हजार क्विंटल धान जाम है, जिससे कर्मचारियों को सुरक्षा की चिंता सताने लगी है।
DMO का बयान
जिला विपणन अधिकारी (DMO) ने बताया कि डीओ (डिलीवरी ऑर्डर) में आई विसंगति दूर कर ली गई है। मिलर्स शीघ्र ही DO रिक्वेस्ट डालेंगे और धान का प्राथमिकता से उठाव कराया जाएगा।
किसानों की पीड़ा
एक किसान ने कहा, मैं हर साल शासन को धान बेचता हूं, लेकिन इस बार बिक्री रकबा घटा दिया गया है। जब तक खरीदी लिमिट नहीं बढ़ेगी, हमारा टोकन नहीं कट पाएगा।



