छत्तीसगढ़

Dr. Santosh Singh : संयुक्त राष्ट्र के शांति प्रयासों पर IPS डॉ. संतोष सिंह की किताब का हुआ प्रकाशन…! CM साय…डॉ. सिंह और DGP को भेंट की प्रति

संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक शांति प्रयासों पर केंद्रित पुस्तक

रायपुर, 08 नवंबर। Dr. Santosh Singh : पुलिस मुख्यालय में डीआईजी (CCTNS/ SCRB) के रूप में पदस्थ आईपीएस डॉ. संतोष सिंह की संयुक्त राष्ट्र के शांति सुदृढ़ीकरण (Peace Building) विषय पर आधारित शोधपरक पुस्तक का प्रकाशन दिल्ली के प्रतिष्ठित मानक पब्लिकेशन द्वारा किया गया है। डॉ. सिंह ने इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और डीजीपी श्री अरुण देव गौतम को अपनी पुस्तक की प्रति भेंट की।

संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक शांति प्रयासों पर केंद्रित पुस्तक

डॉ. सिंह की यह किताब शीत युद्ध के बाद की वैश्विक परिस्थितियों में संयुक्त राष्ट्र की शांति-रक्षा (Peacekeeping), शांति-स्थापना (Peacemaking) और शांति-निर्माण (Peacebuilding) की नीतियों और उनकी प्रभावशीलता पर आधारित है। किताब में बताया गया है कि 21वीं सदी में संयुक्त राष्ट्र के Peacebuilding Commission के तहत युद्धग्रस्त और हिंसाग्रस्त देशों में चल रहे मिशनों ने वैश्विक शांति प्रयासों को नया आयाम दिया है।

यह पुस्तक न केवल अंतरराष्ट्रीय संबंधों और विदेश नीति के शोधकर्ताओं, नीति-निर्धारकों और विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है, बल्कि भारत के आंतरिक शांति प्रयासों को समझने में भी सहायक सिद्ध होगी।

भारत की वैश्विक भूमिका पर भी किया गया विश्लेषण

डॉ. सिंह ने अपनी पुस्तक में भारत की संयुक्त राष्ट्र में भूमिका का भी विस्तार से वर्णन किया है।
भारत अब तक 49 शांति मिशनों में भाग ले चुका है और लगभग दो लाख शांतिसैनिकों का योगदान देकर विश्व का तीसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता देश बना हुआ है। भारतीय सैन्य और पुलिस अधिकारी लगातार संयुक्त राष्ट्र मिशनों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

डॉ. सिंह का शैक्षणिक एवं शोध योगदान

डॉ. संतोष सिंह ने हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग से डॉक्टरेट, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) नई दिल्ली से एमफिल (अंतरराष्ट्रीय संबंध) तथा बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) वाराणसी से एमए (राजनीतिशास्त्र) की उपाधि प्राप्त की है।
उन्होंने एमफिल के दौरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में विकासशील देशों की भागीदारी विषय पर शोध किया था।
उनके अनेक शोध-पत्र राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं।

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