ACB Double Action in CG : छत्तीसगढ़ में ACB की दोहरी कार्रवाई…! डॉक्टर और एएसआई सहित 3 सरकारी कर्मचारी रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
सक्ती जिले में BMO रिश्वत लेते गिरफ्तार, कोरिया जिले में ASI और सहयोगी गिरफ्तार
रायपुर/सक्ती/कोरिया, 17 अक्टूबर। ACB Double Action in CG : राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। शुक्रवार को ACB ने सक्ती और कोरिया जिलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन सरकारी कर्मियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इन आरोपियों में एक ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO), एक पुलिस एएसआई, और उसका निजी सहयोगी शामिल हैं। दोनों मामलों में शिकायत के आधार पर ACB ने ट्रैप रचकर यह कार्रवाई की।
पहला मामला: सक्ती जिले में BMO रिश्वत लेते गिरफ्तार
सक्ती जिले के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) डॉ. राजेन्द्र कुमार पटेल को ACB बिलासपुर की टीम ने ₹15,000 की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। शिकायतकर्ता उमेश कुमार चंद्रा, जो BMO कार्यालय उभरा में बाबू के पद पर कार्यरत हैं, ने ACB में शिकायत की थी कि बीएमओ उनके यात्रा भत्ता (TA) बिल की स्वीकृति के एवज में ₹32,500 रिश्वत मांग रहे हैं।
पहले ही ₹10,500 की अग्रिम राशि ली जा चुकी थी। शेष ₹15,000 की किश्त लेने के दौरान ACB ने 17 अक्टूबर 2025 को ट्रैप रचकर डॉ. पटेल को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
दूसरा मामला: कोरिया जिले में एएसआई और सहयोगी गिरफ्तार
कोरिया जिले के थाना पटना के एएसआई पी. टोप्पो और उसके निजी सहयोगी राजू कुमार देवांगन को ACB अंबिकापुर की टीम ने रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ता मो. शाह खान, निवासी ग्राम खोड, ने शिकायत की थी कि उनकी बेटी के सड़क हादसे के मामले में उचित कार्रवाई और खर्च की भरपाई के लिए एएसआई टोप्पो ₹15,000 रिश्वत मांग रहे थे।
आरोपी पहले ही ₹3,000 ले चुका था और ₹12,000 की शेष राशि लेने की योजना बना रहा था। 17 अक्टूबर को ट्रैप कार्रवाई के दौरान जैसे ही यह राशि निजी सहयोगी द्वारा ली गई, ACB ने दोनों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों पर धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
ACB की सक्रियता से बढ़ी सख्ती
राज्य में लगातार सामने आ रहे भ्रष्टाचार के मामलों पर ACB की नजर टिकी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि आम जनता की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए हर मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है और भ्रष्टाचारियों को बख्शा नहीं जाएगा। धारा 7: लोक सेवक द्वारा रिश्वत लेना। धारा 12: रिश्वत दिलाने में मध्यस्थता या सहायता करना।



