CG Liquor Scam Breaking : छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में एक और बड़ी गिरफ्तारी…! रिटायर्ड IAS निरंजन दास गिरफ्तार

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CG Liquor Scam Breaking
रायपुर, 18 सितंबर। CG Liquor Scam Breaking : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला प्रकरण में आज एक बड़ी कार्रवाई हुई है। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की संयुक्त टीम ने आबकारी विभाग के तत्कालीन आयुक्त और रिटायर्ड IAS अधिकारी निरंजन दास को गिरफ्तार किया है। निरंजन दास पर शराब घोटाले से जुड़ी जांच में गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिसमें शासकीय शराब दुकानों में अनएकाउंटेड शराब की बिक्री, अधिकारियों के ट्रांसफर में हस्तक्षेप, टेण्डर प्रक्रिया में गड़बड़ी, और दोषपूर्ण शराब नीति के माध्यम से सिंडिकेट को करोड़ों का लाभ पहुंचाने के आरोप शामिल हैं।

इन धाराओं में हुई गिरफ्तारी

निरंजन दास को EOW/ACB द्वारा दर्ज अपराध क्रमांक 04/2024 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (धारा 7, 12) यथा संशोधित 2018, भारतीय दंड संहिता की धाराएं 420 (धोखाधड़ी), 467, 468, 471 (दस्तावेज़ों की जालसाजी), 120B (आपराधिक साजिश) धाराओं में गिरफ्तार किया गया है।

क्या हैं आरोप?

जांच एजेंसियों के अनुसार, निरंजन दास ने अपने कार्यकाल के दौरान, शराब दुकानों में अनएकाउंटेड बिक्री को बढ़ावा दिया, सिंडिकेट के दबाव में अफसरों के ट्रांसफर कराए, टेण्डर प्रक्रिया में हेरफेर कर अवैध लाभ कमाया, दोषपूर्ण शराब नीति तैयार करने में भूमिका निभाई और बदले में सिंडिकेट से करोड़ों रुपये का लाभ प्राप्त किया।

शराब घोटाले की जांच में आगे क्या?

यह गिरफ्तारी शराब घोटाले की कड़ी जांच का हिस्सा मानी जा रही है, जिसमें पूर्व में भी कई अधिकारियों, कारोबारियों और नेताओं के नाम सामने आ चुके हैं। ACB/EOW की टीमें अन्य संदिग्धों और लिंक की जांच में जुटी हुई हैं। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में और भी बड़ी गिरफ्तारियाँ संभव हैं।

राजनीतिक हलकों में हलचल

पूर्व IAS अधिकारी की गिरफ्तारी ने छत्तीसगढ़ की नौकरशाही (CG Liquor Scam Breaking) और सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। विपक्ष ने इसे पूर्ववर्ती सरकार की कथित शराब नीति की पोल खोलने वाला मामला बताया है, वहीं सत्ताधारी दल की ओर से अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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